रिश्वत लेते डेयरी अधिकारी गिरफ्तार

Live ख़बर

Anjaan Jee : Editor in Chief & Publisher

बेतिया (पश्चिमी चम्पारण) | 13 मार्च 2026

भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए Vigilance Investigation Bureau Bihar की मुख्यालय टीम ने पश्चिमी चम्पारण में डेयरी विभाग के एक अधिकारी को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।

निगरानी थाना कांड संख्या 031/26 (दिनांक 10 मार्च 2026) के तहत दर्ज मामले में डेयरी फील्ड ऑफिसर Anurag Abhishek को 30 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए जिला डेयरी विकास कार्यालय, बेतिया से गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7(a) के तहत की गई है।

शिकायत के बाद हुई कार्रवाई

इस मामले में शिकायतकर्ता Bablu Kumar ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना के कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायत में आरोप लगाया गया था कि डेयरी विभाग के अधिकारी द्वारा सरकारी योजना से मिलने वाले अनुदान की फाइल आगे बढ़ाने के लिए रिश्वत की मांग की जा रही थी।

मुख्य तथ्य:

  • समग्र गव्य विकास योजना 2025-26 के तहत पशु खरीद की गई थी।
  • कुल 3,90,400 रुपये की खरीद राशि पर सरकार की ओर से 50% अनुदान (1,95,200 रुपये) मिलना था।
  • अनुदान से जुड़ी फाइल आगे बढ़ाने के लिए 30 हजार रुपये रिश्वत मांगी गई।

सत्यापन के बाद बिछाया गया जाल

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने शिकायत मिलने के बाद मामले का सत्यापन कराया। जांच के दौरान रिश्वत मांगने के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद निगरानी थाना में मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई।

कार्रवाई के प्रमुख चरण:

  • शिकायत की जांच और सत्यापन
  • प्राथमिकी दर्ज कर विशेष टीम का गठन
  • पुलिस उपाधीक्षक Mithilesh Kumar के नेतृत्व में छापेमारी दल तैयार
  • बेतिया स्थित कार्यालय में ट्रैप ऑपरेशन

धावादल की कार्रवाई के दौरान आरोपी अधिकारी को 30 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया।

विशेष अदालत में पेशी

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ की जा रही है। पूछताछ पूरी होने के बाद उसे Special Vigilance Court Muzaffarpur में पेश किया जाएगा।

अधिकारियों ने बताया कि मामले में आगे की जांच जारी है और जरूरत पड़ने पर अन्य पहलुओं की भी जांच की जाएगी।

भ्रष्टाचार पर निगरानी की सख्ती

बिहार में सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए निगरानी विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है। रिश्वतखोरी से जुड़े मामलों में ट्रैप ऑपरेशन के जरिए दोषी अधिकारियों को पकड़ने का अभियान तेज किया गया है।

JOIN US