Santosh K Srivastav : Editor in Chief & Publisher
जमीन परिमार्जन के एवज में मांगी थी घूस, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की कार्रवाई में रंगे हाथ पकड़ा गया आरोपी
पटना/नवादा, 12 जून 2026। भ्रष्टाचार के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार को एक और बड़ी सफलता मिली है। ब्यूरो की मुख्यालय टीम ने नवादा सदर अंचल कार्यालय के राजस्व कर्मचारी सुजीत कुमार को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आरोपी को शुक्रवार को नवादा सदर अस्पताल के सामने सड़क के पास से गिरफ्तार किया गया। इस संबंध में निगरानी थाना कांड संख्या 072/26, दिनांक 10 जून 2026 को दर्ज किया गया था।
मामले की शुरुआत तब हुई जब नवादा जिले के धधौली निवासी शंकर पासवान ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उनकी जमीन के परिमार्जन कार्य के बदले राजस्व कर्मचारी सुजीत कुमार द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही है।
शिकायत प्राप्त होने के बाद ब्यूरो ने मामले का सत्यापन कराया। जांच के दौरान रिश्वत मांगने के आरोप सही पाए गए। प्रथम दृष्टया आरोपों की पुष्टि होने के बाद मामला दर्ज कर पुलिस उपाधीक्षक नरेन्द्र कुमार के नेतृत्व में विशेष धावादल का गठन किया गया।
धावादल ने योजनाबद्ध कार्रवाई करते हुए आरोपी राजस्व कर्मचारी को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है। इसके उपरांत उसे माननीय विशेष न्यायालय, निगरानी, पटना में प्रस्तुत किया जाएगा।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बताया कि वर्ष 2026 में भ्रष्टाचार के खिलाफ यह 72वीं प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई है। इनमें ट्रैप संबंधी यह 67वां मामला है। ब्यूरो द्वारा वर्ष 2026 में अब तक 67 अभियुक्तों को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया जा चुका है तथा कुल 26,86,800 रुपये की रिश्वत राशि बरामद की गई है।
ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में कुल 101 ट्रैप कांड दर्ज किए गए थे, जिनमें 37,80,300 रुपये की रिश्वत राशि बरामद हुई थी। अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
