रिश्वतखोरी के मामले में पूर्व अंचलाधिकारी दोषी

Live ख़बर

Santosh K Srivastav : Editor in Chief & Publisher

नवादा के तत्कालीन अंचलाधिकारी को विशेष निगरानी न्यायालय ने सुनाई सजा, वर्ष 2026 में भ्रष्टाचार के 11 मामलों में हो चुकी है दोषसिद्धि

पटना, 22 जुलाई। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार को भ्रष्टाचार के एक मामले में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। विशेष निगरानी न्यायालय, पटना ने नवादा जिले के रोह अंचल के तत्कालीन अंचलाधिकारी भोला पासवान को रिश्वतखोरी के मामले में दोषी करार देते हुए सश्रम कारावास एवं अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह निर्णय भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत दर्ज निगरानी थाना कांड संख्या-75/2014 (विशेष वाद संख्या-72/2014) में दिया गया।

विशेष निगरानी न्यायालय के न्यायाधीश अतुल कुमार सिंह ने 22 जुलाई 2026 को सुनाए गए फैसले में आरोपी को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 तथा धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(डी) के तहत दोषी ठहराया। न्यायालय ने धारा 7 के तहत तीन वर्ष के सश्रम कारावास एवं 5,000 रुपये के अर्थदंड तथा धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(डी) के तहत चार वर्ष के सश्रम कारावास एवं 5,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड जमा नहीं करने की स्थिति में एक माह का साधारण कारावास भुगतना होगा। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।

मामला नवादा जिले के रोह थाना क्षेत्र के समरेठा गांव निवासी राकेश कुमार द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत से जुड़ा है। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि जमीनी विवाद से संबंधित मामले में दरवाजा, खिड़की एवं छज्जा लगाने की अनुमति देने के एवज में तत्कालीन अंचलाधिकारी ने 4,000 रुपये रिश्वत की मांग की थी। शिकायत के सत्यापन के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने 15 अक्टूबर 2014 को आरोपी को 4,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।

मामले की जांच पुलिस निरीक्षक बिरेन्द्र नारायण सिंह ने की और समय पर आरोप-पत्र न्यायालय में दाखिल किया। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक रितेश कुमार ने प्रभावी पैरवी की। सुनवाई के दौरान कुल 11 गवाहों के बयान दर्ज किए गए, जिसके आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराया।

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक भ्रष्टाचार के कुल 11 मामलों में न्यायालय द्वारा दोषसिद्धि हो चुकी है। ब्यूरो ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में प्रभावी अनुसंधान एवं अभियोजन की कार्रवाई निरंतर जारी है और दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई आगे भी इसी प्रकार जारी रहेगी।