‘धरोहर’ में गूंजी झपताल और ग़ज़लों की सुरमयी महफ़िल

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– Santosh K Srivastav : Editor in Chief & Publisher

डीपीएस बोकारो के चार दिवसीय सांस्कृतिक उत्सव का शुभारंभ, तबलावादन और ग़ज़ल गायन में विद्यार्थियों ने बिखेरा प्रतिभा का रंग

बोकारो, 27 जुलाई 2026। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ विद्यार्थियों की सांस्कृतिक एवं कलात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) बोकारो में सोमवार से चार दिवसीय सांस्कृतिक सप्ताह ‘धरोहर’ का रंगारंग शुभारंभ हुआ। विद्यालय की सीनियर इकाई में आयोजित इस उत्सव की शुरुआत अंतर-सदन समूह तबलावादन और ग़ज़ल आधारित एकल गायन प्रतियोगिताओं से हुई। विद्यार्थियों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से संगीत प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

विद्यालय के अश्वघोष कला क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन प्राचार्य डॉ. ए. एस. गंगवार ने वरीय उपप्राचार्य अंजनी भूषण, उपप्राचार्या शालिनी शर्मा तथा विभिन्न हाउस वार्डन के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर किया। आकर्षक मंच सज्जा और पारंपरिक वातावरण के बीच कार्यक्रम का आगाज़ हुआ।

समूह तबलावादन प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने 10 मात्रा के झपताल की जटिल लयकारी को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। कायदा, टुकड़ा, परन और पेशकार जैसी शास्त्रीय प्रस्तुतियों में प्रतिभागियों की लय, तालमेल और तकनीकी दक्षता ने दर्शकों की खूब सराहना बटोरी। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर जमुना हाउस ने प्रथम, झेलम हाउस ने द्वितीय और चेनाब हाउस ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

ग़ज़ल आधारित एकल गायन प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपनी सुरीली आवाज़ और भावपूर्ण प्रस्तुति से माहौल को संगीत की महफ़िल में बदल दिया। चेनाब हाउस के अर्थित सिंह, गंगा हाउस की मैत्रेयी सिन्हा, जमुना हाउस की शांभवी झा, सतलज हाउस की आंचल पाठक, रावी हाउस की अद्रिका कुमार और झेलम हाउस के पीयूष मल्लिक ने लोकप्रिय ग़ज़लों की शानदार प्रस्तुति दी।

निर्णायकों के मूल्यांकन के अनुसार जमुना हाउस की शांभवी झा और सतलज हाउस की आंचल पाठक संयुक्त रूप से प्रथम स्थान पर रहीं। चेनाब हाउस के अर्थित सिंह और गंगा हाउस की मैत्रेयी सिन्हा ने संयुक्त रूप से दूसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि झेलम हाउस के पीयूष मल्लिक तीसरे स्थान पर रहे।

प्रतियोगिता के दौरान संगीत शिक्षक भास्कर रंजन डे ने तबले पर, मृत्युंजय भट्टाचार्य ने गिटार पर तथा विक्की आनंद पाठक और शुभोजीत मिश्रा ने हारमोनियम पर संगत कर प्रस्तुतियों को और प्रभावशाली बनाया। प्राइमरी विंग के शिक्षक मयंक कुमार भक्ता तथा शिक्षिकाएं आभा कुमारी झा और प्रियंका ने निर्णायक की भूमिका निभाई।

इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. ए. एस. गंगवार ने विद्यार्थियों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि निरंतर अभ्यास, साधना और समर्पण से ही उत्कृष्टता हासिल की जा सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों को हर अवसर का सकारात्मक उपयोग करने, अपने क्षेत्र में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने तथा संगीत के माध्यम से एकाग्रता, मानसिक शांति और तनावमुक्त जीवन की ओर अग्रसर होने की प्रेरणा दी।

विद्यालय प्रशासन के अनुसार, सांस्कृतिक सप्ताह ‘धरोहर’ के आगामी चरणों में अंतर-सदन समूह गायन, ऑर्केस्ट्रा और अंतिम दिन समूह नृत्य प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।