– संतोष श्रीवास्तव की रिपोर्ट
मुआवजे पर बनी सहमति के बाद समाप्त हुआ गतिरोध; विधायक जयराम महतो ने अवैध कोयला कारोबार को लेकर थाना प्रभारी को सार्वजनिक रूप से लगाई कड़ी फटकार
बोकारो थर्मल, 10 सितंबर 2026: नावाडीह प्रखंड अंतर्गत ऊपरघाट के पेंक नारायणपुर थाना क्षेत्र के धवैया में अवैध कोयला लदे अनियंत्रित ट्रैक्टर की चपेट में आने से 21 वर्षीय बाइक सवार श्यामलाल सोरेन की मंगलवार की रात करीब आठ बजे दर्दनाक मौत हो गई थी। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों के भारी आक्रोश के कारण बुधवार देर रात तक हंगामा और विरोध जारी रहा।
अंततः रात करीब ढाई बजे डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो की मौजूदगी में हुई सकारात्मक वार्ता के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वार्ता के दौरान मृतक के परिजन को 3.70 लाख रुपये मुआवजा देने पर सहमति बनी। इसके अलावा तत्काल दाह-संस्कार के लिए नावाडीह प्रखंड कार्यालय की ओर से 20 हजार रुपये तथा विधायक जयराम महतो की ओर से 25 हजार रुपये का चेक प्रदान किया गया।
इससे पहले घटना के बाद ग्रामीणों द्वारा किए गए सड़क जाम को समाप्त कराने के लिए पेंक थाना प्रभारी नीतीश कुमार, नावाडीह थाना प्रभारी अमित सोनी, बेरमो सर्किल निरीक्षक अरविंद कुमार और बोकारो थर्मल इंस्पेक्टर पिंकू कुमार यादव जवानों के साथ मौके पर मौजूद थे।
बाद में बेरमो एसडीपीओ रविंद्र कुमार सिंह भी घटनास्थल पर पहुंचे, लेकिन आंदोलनकारी ग्रामीण डुमरी विधायक जयराम महतो की मौजूदगी में ही वार्ता करने की मांग पर अड़े रहे।
अवैध कोयला कारोबार को लेकर थाना प्रभारी पर बरसे विधायक
समझौते से पूर्व विधायक जयराम महतो ने इलाके में कथित रूप से धड़ल्ले से चल रहे अवैध कोयला कारोबार और इसमें पुलिस की कथित संलिप्तता को लेकर पेंक नारायणपुर थाना प्रभारी नीतीश कुमार को सार्वजनिक रूप से कड़ी फटकार लगाई।
विधायक ने सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि कोयला ढोने वालों को किसी खास भट्ठे पर ही माल गिराने के लिए मजबूर किया जाता है और जो लोग ऐसा करने से मना करते हैं, उन्हें परेशान किया जाता है। उन्होंने कहा कि इससे यह संदेह पैदा होता है कि संबंधित खास भट्ठे से पुलिस की सीधी सांठगांठ है या फिर यह कारोबार पुलिस की जानकारी में चल रहा है।
हालांकि, ये विधायक की ओर से लगाए गए आरोप हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
विधायक ने तल्ख लहजे में कहा कि कोयला ले जाने वाले लोग वहीं बेचेंगे, जहां उन्हें बेहतर दाम मिलेगा, क्योंकि इसकी जरूरत बगोदर, सरिया, बरकट्ठा समेत अन्य क्षेत्रों में भी है। उन्होंने कहा कि पुलिस का इस तरह का रवैया किसी भी तरह न्यायसंगत नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर यह सब राज्य सरकार के इशारे पर हो रहा है, तो लोग जिस जगह उचित समझेंगे, वहीं कोयला ले जाकर बेचेंगे।
विधायक के इस कड़े रुख के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल बढ़ गई। वार्ता के बाद पुलिस ने मृतक श्यामलाल सोरेन का शव रात में ही पोस्टमार्टम के लिए उठा लिया।
