– Santosh K Srivastav : Editor in Chief & Publisher
युद्ध और आपदा जैसी परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों का होगा परीक्षण, शाम 7 बजे ब्लैकआउट अभ्यास भी शामिल
बोकारो: जिले में किसी भी आपातकालीन स्थिति, युद्ध या बड़ी आपदा से निपटने की तैयारियों का आकलन करने के लिए 15 जुलाई को मेगा मॉकड्रिल आयोजित की जाएगी। उपायुक्त अजय नाथ झा ने सोमवार को समाहरणालय सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता में बताया कि प्रशासन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और नागरिकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है।
उपायुक्त ने कहा कि भारत पूरी तरह सुरक्षित है तथा जिला प्रशासन हर प्रकार की आपदा या आपातकालीन परिस्थिति में त्वरित कार्रवाई करने के लिए सक्षम है। उन्होंने लोगों से प्रशासन पर भरोसा रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की।
उन्होंने बताया कि भारत सरकार से 13 से 15 जुलाई के बीच मॉकड्रिल आयोजित करने के निर्देश प्राप्त हुए थे, जिसके तहत बोकारो में 15 जुलाई की शाम 7 बजे अभ्यास किया जाएगा। इस दौरान ब्लैकआउट का भी अभ्यास होगा। इसके लिए उषा पेट्रोल पंप और मेडिकेंट हॉस्पिटल को प्रमुख अभ्यास स्थल के रूप में चिन्हित किया गया है।
उपायुक्त ने नागरिकों से अपील की कि मॉकड्रिल के दौरान यदि वे घर पर हों तो बाहरी लाइटें बंद रखें और यदि वाहन चला रहे हों तो सुरक्षित स्थान पर वाहन रोककर उसकी लाइट भी बंद कर दें। उन्होंने कहा कि यह केवल अभ्यास है और इसका उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच समन्वय तथा त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का परीक्षण करना है।

उपायुक्त ने बताया कि आपातकालीन स्थिति की सूचना मिलते ही जिला मजिस्ट्रेट इंसीडेंट कमांडर की भूमिका निभाएंगे। इसके बाद क्विक मैसेज के माध्यम से सिविल डिफेंस, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन विभाग तथा अन्य संबंधित एजेंसियों को तत्काल अलर्ट किया जाएगा। अभ्यास के दौरान यह भी आकलन किया जाएगा कि संबंधित विभाग कितनी तेजी से घटनास्थल पर पहुंचकर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं।
उन्होंने कहा कि मॉकड्रिल में मीडिया की भूमिका भी महत्वपूर्ण रहेगी। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से मीडिया के लिए सुरक्षित मीडिया सेंटर बनाया जाएगा, जहां से समय-समय पर आधिकारिक जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि आम लोगों तक सही और प्रमाणिक सूचना पहुंच सके।
उपायुक्त ने कहा कि इस अभ्यास के माध्यम से प्रशासन अपनी आपदा प्रबंधन व्यवस्था, विभागीय समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र की प्रभावशीलता का परीक्षण करेगा।
