– संतोष श्रीवास्तव की रिपोर्ट
वेतन से कटौती का विरोध करने पर 17 के बाद 6 और मजदूरों को काम से निकाला गया; विरोध में ठेका कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर
बोकारो, 10 सितंबर 2026: सेल-बोकारो इस्पात संयंत्र (बीएसएल) के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में कथित कट मनी वसूली और ठेका मजदूरों के निष्कासन को लेकर स्थिति अचानक विस्फोटक हो गई है। कट मनी लौटाने से इनकार करने पर प्रबंधन द्वारा की जा रही कार्रवाई के विरोध में गुरुवार सुबह 6 बजे से प्लांट के समस्त ठेका मजदूर एकजुट होकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। हड़ताल पर जाने वाले सभी मजदूर स्थानीय विस्थापित हैं, जो पिछले 20-20 वर्षों से लगातार इस प्लांट में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
मजदूरों का नेतृत्व कर रहे क्रांतिकारी इस्पात मजदूर संघ (संबद्ध हिंद मजदूर सभा) के महामंत्री सह एनजेसीएस सदस्य राजेंद्र सिंह ने प्लांट गेट पर संवाददाताओं को संबोधित करते हुए प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पूरी तरह से कट मनी और अराजकता का गढ़ बन चुका है। उनके अनुसार, अधिकारियों और ठेकेदार के बीच कथित गठजोड़ मजदूरों की गाढ़ी कमाई पर मनमानी कर रहा है।
राजेंद्र सिंह ने बताया कि बीते 16 जुलाई को भी 17 मजदूरों को महज इसलिए काम से हटा दिया गया था, क्योंकि उन्होंने अपनी मजदूरी से कट मनी देने से साफ इनकार कर दिया था। इस मामले में 8 सितंबर को सहायक श्रमायुक्त (केंद्रीय), धनबाद के समक्ष सुनवाई हुई थी। उनके अनुसार, साक्ष्यों की जांच के बाद एएलसी ने प्रबंधन एवं ठेकेदार को कड़ी फटकार लगाई थी। एएलसी ने स्पष्ट किया था कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार किसी भी परिस्थिति में छंटनी का आधार केवल ‘वरीयता’ (सीनियरिटी) ही हो सकता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मामला एएलसी के समक्ष लंबित होने और अगली सुनवाई 23 सितंबर को निर्धारित होने के बावजूद अधिकारियों ने 10 सितंबर को फिर से 6 मजदूरों को काम से बाहर कर दिया। राजेंद्र सिंह के अनुसार, इस कार्रवाई के कारण मजदूरों को मजबूरन काम बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता चुनना पड़ा।
शहरवासियों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ का आरोप, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
एनजेसीएस सदस्य राजेंद्र सिंह ने जलापूर्ति व्यवस्था को लेकर भी गंभीर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि जलापूर्ति जैसे अति-संवेदनशील कार्य को केवल पैसों के लालच में अनुभवी विस्थापित मजदूरों को हटाकर अनुभवहीन लोगों से कराया जा रहा है। उनके अनुसार, इससे पूरे बोकारो शहरवासियों के स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ होने का खतरा है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीर्ष प्रबंधन ने अविलंब हस्तक्षेप कर मामले का न्यायसंगत समाधान नहीं किया, तो बोकारो स्टील प्लांट की अन्य इकाइयों के मजदूर भी काम बंद आंदोलन में शामिल होने को बाध्य होंगे।
