– Santosh K Srivastav : Editor in Chief & Publisher
स्वास्थ्य विभाग की सख्ती, समय पर उपचार में बाधा बनने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू
पटना, 27 जुलाई 2026। स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी अस्पतालों में मरीजों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने के आरोप में एक चिकित्सा पदाधिकारी के विरुद्ध कारण पृच्छा जारी की है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में ड्यूटी में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, सिविल सर्जन, नालंदा की ओर से प्राप्त प्रतिवेदन में बताया गया कि डॉ. त्रिशला, चिकित्सा पदाधिकारी, सदर अस्पताल, बिहारशरीफ, 18 जुलाई 2026 की रात्रि पाली में निर्धारित रोस्टर के अनुसार ड्यूटी पर अनुपस्थित थीं। उसी रात अस्पताल में तीन संस्थागत प्रसव हुए। महिला चिकित्सा पदाधिकारी की अनुपस्थिति के कारण 19 जुलाई 2026 की सुबह लगभग 3:00 बजे एक मरीज का प्रसव के लिए आवश्यक सिजेरियन ऑपरेशन समय पर नहीं हो सका।
मामले की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए प्रथम दृष्टया निर्धारित रोस्टर के अनुसार ड्यूटी से अनुपस्थित रहने एवं कर्तव्य के प्रति उदासीनता बरतने के आरोप में संबंधित चिकित्सा पदाधिकारी के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी।
विभाग ने कारण पृच्छा जारी करते हुए संबंधित चिकित्सक को 15 दिनों के भीतर अपना लिखित अभिकथन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। जवाब प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों के समयबद्ध उपचार और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सीय सेवाओं से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। ड्यूटी के निर्वहन में लापरवाही बरतने वाले चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों के विरुद्ध नियमों के अनुरूप सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, ताकि आम नागरिकों को निर्बाध, सुरक्षित और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

