– Santosh K Srivastav : Editor in Chief & Publisher
स्वास्थ्य सचिव ने जिला अस्पतालों की समीक्षा कर 24×7 स्वास्थ्य सेवाएं और 70 प्रकार की सर्जरी सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
पटना, 27 जुलाई 2026। स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, जमुई, मधुबनी और पूर्वी चंपारण के जिला अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाओं एवं कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में अस्पतालों में सर्जिकल सेवाओं के विस्तार, 24×7 इमरजेंसी व्यवस्था, आईसीयू संचालन और गुणवत्तापूर्ण उपचार को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।
कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से आयोजित समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव डॉ. त्यागराजन एस. एम., राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक अमित कुमार पांडेय, बीएमएसआईसीएल के प्रबंध निदेशक सुब्रत कुमार सेन सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में कुमार रवि ने कहा कि सात निश्चय-3 के तहत राज्य के सभी सदर अस्पतालों को चरणबद्ध तरीके से सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके लिए आवश्यकता के अनुरूप सामान्य एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती के साथ आईसीयू सेवाओं, 24×7 इमरजेंसी, डायग्नोस्टिक सुविधाओं और अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है।
उन्होंने सभी सदर अस्पतालों में ऑर्थोपेडिक, जनरल सर्जरी तथा स्त्री एवं प्रसूति रोग के लिए अलग-अलग ऑपरेशन थिएटर चौबीसों घंटे संचालित करने का निर्देश दिया। साथ ही सभी आईसीयू एवं वेंटिलेटर पूरी तरह कार्यशील रखने तथा प्रत्येक अस्पताल में ट्रायज व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सदर अस्पतालों को जिले का सबसे भरोसेमंद स्वास्थ्य केंद्र बनाना है, ताकि मरीजों को छोटी-बड़ी सर्जरी के लिए निजी अस्पतालों का रुख न करना पड़े।
जिलावार समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य सचिव ने सभी सिविल सर्जनों को निर्देश दिया कि जिला अस्पतालों में चिन्हित 70 प्रकार की सर्जरी चरणबद्ध तरीके से शुरू की जाए और सभी निर्धारित सर्जिकल सेवाएं जल्द उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि मरीजों को उनके गृह जिले में ही गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए तथा अनावश्यक रेफरल की संख्या में कमी लाई जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जिन अस्पतालों में अभी सीमित प्रकार की सर्जरी हो रही है, वहां विशेषज्ञ चिकित्सकों, प्रशिक्षित मानव संसाधन, आधुनिक ऑपरेशन थिएटर और आवश्यक सर्जिकल उपकरणों की उपलब्धता प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जाए। विशेष रूप से एनेस्थीसिया वर्क स्टेशन, मॉनिटरिंग उपकरण तथा अन्य आवश्यक संसाधनों की कमी को शीघ्र दूर करने के निर्देश दिए गए, ताकि सभी चिन्हित सर्जरियों का नियमित संचालन संभव हो सके।
बैठक के अंत में स्वास्थ्य सचिव ने सभी सिविल सर्जनों से सर्जरी की संख्या और विविधता बढ़ाने, प्रत्येक रेफरल की चिकित्सकीय समीक्षा करने तथा ट्रायज व्यवस्था, आपातकालीन सेवाओं और सर्जिकल सुविधाओं को समयबद्ध कार्ययोजना के साथ और अधिक मजबूत बनाने को कहा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य आम नागरिकों को उनके ही जिले में सुलभ, गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।

