फुलवारी शरीफ में नुक्कड़ नाटक ने दिया पारिवारिक मूल्यों का संदेश

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– रंजीत प्रसाद सिन्हा : संवाददाता

‘माता-पिता ही भगवान हैं’ के मंचन ने बुजुर्गों के सम्मान और पारिवारिक जिम्मेदारियों के प्रति किया जागरूक

फुलवारी शरीफ, 12 जुलाई 2026: सर्वमंगला सांस्कृतिक मंच की ओर से नुक्कड़ नाटकों की श्रृंखला के तहत वाल्मी, फुलवारी शरीफ में “माता-पिता ही भगवान हैं” शीर्षक से एक भावनात्मक नुक्कड़ नाटक का सफल मंचन किया गया। नाटक का लेखन महेश चौधरी ने किया, जबकि निर्देशन मिथिलेश कुमार पांडे ने किया। प्रस्तुति के माध्यम से समाज में बुजुर्गों के सम्मान और पारिवारिक मूल्यों का प्रभावशाली संदेश दिया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत अमन राज द्वारा प्रस्तुत एक भावपूर्ण गीत से हुई, जिसमें माता-पिता के महत्व और उनके सम्मान का संदेश दिया गया। इसके बाद मंचित नाटक में एक ऐसे परिवार की कहानी दिखाई गई, जिसमें वृद्ध पिता की उपेक्षा और उनके प्रति बेटे के व्यवहार को मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया गया।

नाटक के कथानक के अनुसार, पोते के साथ खेलते समय वृद्ध पिता का चश्मा टूट जाता है। नया चश्मा दिलाने का आग्रह करने पर बेटा व्यस्तता का बहाना बनाकर उन्हें टाल देता है और वृद्धाश्रम भेजने तक की बात कहता है। परिस्थितियों में बदलाव तब आता है, जब पोता अपने माता-पिता से सवाल करता है कि यदि वे अपने माता-पिता के साथ ऐसा व्यवहार करेंगे, तो क्या भविष्य में उसके लिए भी यही उदाहरण स्थापित होगा। बच्चे की मासूम बात बेटे की अंतरात्मा को झकझोर देती है और उसे अपने माता-पिता के त्याग एवं स्नेह का एहसास होता है। अंततः वह अपनी भूल स्वीकार करते हुए माता-पिता से क्षमा मांगता है।

नाटक ने उपस्थित दर्शकों को भावुक करने के साथ-साथ बुजुर्गों के सम्मान, पारिवारिक जिम्मेदारियों और मानवीय संवेदनाओं के महत्व का संदेश दिया। दर्शकों ने कलाकारों के अभिनय की सराहना करते हुए सामाजिक सरोकारों से जुड़े ऐसे कार्यक्रमों को समय की आवश्यकता बताया।

प्रस्तुति में महेश चौधरी, मिथिलेश कुमार पांडे, सौरभ, अमन, करण, रिशु, देव कुमार, प्रिया कुमारी, किरण कुमारी और मो. शोएब कुरैशी सहित सभी कलाकारों ने प्रभावशाली अभिनय किया।