विश्व युवा कौशल दिवस पर ईएसएल स्टील ने दोहराई युवा सशक्तिकरण की प्रतिबद्धता

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– Santosh K Srivastav : Editor in Chief & Publisher

कौशल विकास, डिजिटल शिक्षा, खेल और आजीविका के जरिए एक लाख से अधिक लोगों के जीवन में लाया सकारात्मक बदलाव

बोकारो, 14 जुलाई 2026 | विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर वेदांता आयरन एंड स्टील लिमिटेड (वीआईएसएल) की सहायक कंपनी ईएसएल स्टील लिमिटेड ने कौशल विकास, डिजिटल शिक्षा, उद्यमिता और खेलों के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। कंपनी ने बताया कि उसकी सामुदायिक विकास पहलों से अब तक एक लाख से अधिक लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।

इस वर्ष विश्व युवा कौशल दिवस की थीम “Skills for a Shared Future” के अनुरूप ईएसएल स्टील युवाओं को तकनीकी, व्यावसायिक और डिजिटल कौशल से सशक्त बनाकर उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध करा रहा है।

कंपनी की प्रमुख पहल वेदांता ईएसएल स्किल स्कूल के माध्यम से बोकारो के युवाओं को सोलर पीवी इंस्टॉलेशन और होम अप्लायंस रिपेयर जैसे उद्योग आधारित पाठ्यक्रमों में आवासीय एवं रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वर्ष 2022 में स्थापना के बाद से अब तक 700 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है, जिनमें 400 से अधिक को संगठित क्षेत्र में रोजगार प्राप्त हुआ है।

ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कंपनी ने प्रोजेक्ट एएएस विद्यालय के अंतर्गत डिजिटल लर्निंग कैफे स्थापित किए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण छात्रों और युवाओं को तकनीक आधारित शिक्षा से जोड़कर उनकी डिजिटल साक्षरता और शैक्षणिक प्रदर्शन को बेहतर बनाया जा रहा है।

ईएसएल स्टील के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पूर्णकालिक निदेशक रवीश शर्मा ने कहा कि लोगों के विकास में किया गया निवेश सबसे महत्वपूर्ण निवेश है। उन्होंने कहा कि स्किल स्कूल, डिजिटल लर्निंग सेंटर और खेल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को आवश्यक कौशल, आत्मविश्वास और अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उनका कहना था कि शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाना तथा समुदायों के समावेशी और सतत विकास में योगदान देना कंपनी की प्राथमिकता है।

खेलों के क्षेत्र में भी कंपनी की वेदांता ईएसएल तीरंदाजी अकादमी उल्लेखनीय कार्य कर रही है। अकादमी के माध्यम से अब तक 50 से अधिक युवा तीरंदाजों को प्रशिक्षण दिया गया है। इन खिलाड़ियों ने जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में 200 से अधिक पदक हासिल किए हैं। इसके अलावा ग्रामीण खेल पहलों से 400 से अधिक युवाओं को लाभ मिला है।

महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रोजेक्ट जीविका के तहत स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाया जा रहा है। महिलाओं को सिलाई, मशरूम उत्पादन और अन्य आजीविका आधारित प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है।

ईएसएल स्टील ने कहा कि कौशल विकास, डिजिटल शिक्षा, खेल और आजीविका संवर्धन की इन पहलों के माध्यम से कंपनी युवाओं और महिलाओं के लिए नए अवसर सृजित कर रही है। इसका उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर, सक्षम और सशक्त समाज के निर्माण में योगदान देना है।