– रंजीत प्रसाद सिन्हा : संवाददाता
अगरबत्ती निर्माण मशीन वितरित, प्रशिक्षण और बैंक ऋण से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ीं महिलाएं
दानापुर, 14 जुलाई 2026 | महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में दानापुर में एक नई पहल के तहत अगरबत्ती निर्माण मशीनों का वितरण किया गया। रोजगार उत्प्रेरक संजीव श्रीवास्तव ने बताया कि पिछले 14 महीनों से 20 हजार महिलाओं को घर-आधारित रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक व्यापक योजना पर कार्य किया जा रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगे हैं।
उन्होंने बताया कि इस पहल के तहत “विशुद्ध सनातनी पूजन सामग्री क्लस्टर” विकसित किया जा रहा है। इसके माध्यम से महिलाएं अपने घरों में अगरबत्ती, धूपबत्ती, रुई बत्ती, चंदन और अन्य पूजन सामग्री का निर्माण कर स्वरोजगार से जुड़ सकेंगी।
योजना के अंतर्गत अगरबत्ती निर्माण मशीन खरीदने के लिए स्टेट कोऑपरेटिव बैंक के सहयोग से प्रत्येक महिला को ₹2.08 लाख तक का ऋण उपलब्ध कराया गया है। इस वित्तीय व्यवस्था के तहत मासिक किस्त ₹4,000 निर्धारित की गई है। योजना से जुड़ी महिलाओं के लिए प्रतिमाह लगभग ₹30,000 तक की आय अर्जित करने की संभावना जताई गई है।

हाल ही में दस महिलाओं को बैंक से ऋण स्वीकृत होने के बाद अगरबत्ती निर्माण मशीनें उपलब्ध कराई गईं। लाभार्थियों में उसरी की फूल कुमारी, सुल्तानपुर की सुनीता कुमारी तथा उसरी खुर्द की गुंजा कुमारी और गायत्री कुमारी शामिल हैं।
महिलाओं को उत्पादन की गुणवत्ता और निर्माण प्रक्रिया का प्रशिक्षण देने के लिए आशोपुर में विशेष प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया गया है। इसके अलावा नाबार्ड के सहयोग से सात दिवसीय नि:शुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं इस स्वरोजगार योजना से जुड़ सकें।
मशीन वितरण समारोह उसरी, उसरी खुर्द और सुल्तानपुर में आयोजित किया गया। इस अवसर पर गया जी एग्रो प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक सतीश और अमित, हिंदुस्तान फ्रेगरेंस के पिंटू, स्टेट कोऑपरेटिव बैंक के प्रबंधक सतीश, कम्युनिटी मोबिलाइजर जितेंद्र प्रसाद तथा सुजय दत्ता सहित बैंक प्रतिनिधि, कॉर्पोरेट खरीदार और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
