– Santosh K Srivastav : Editor in Chief & Publisher
सेक्टर-4 जगन्नाथ मंदिर से मौसीबाड़ी के लिए प्रस्थान करेंगे महाप्रभु, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के व्यापक इंतजाम
बोकारो, 15 जुलाई। इस्पातनगरी बोकारो में गुरुवार को भगवान जगन्नाथ की वार्षिक रथ यात्रा श्रद्धा, आस्था और पारंपरिक उल्लास के साथ निकाली जाएगी। सेक्टर-4 स्थित जगन्नाथ मंदिर से दोपहर 2 बजे भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा भव्य रथ पर सवार होकर सेक्टर-1 स्थित राम मंदिर (मौसीबाड़ी) के लिए प्रस्थान करेंगे। रथ यात्रा को लेकर उत्कल सेवा समिति एवं जिला प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
सुबह से मंदिर परिसर में विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना होगी। इसके बाद तीनों देव विग्रहों को गर्भगृह से बाहर लाकर रथ पर विराजमान कराया जाएगा। पारंपरिक ‘छेरा-पंहरा’ रस्म के तहत बीएसएल के निदेशक प्रभारी सोने की झाड़ू से रथ मार्ग की प्रतीकात्मक सफाई करेंगे। इस अवसर पर बीएसएल के वरिष्ठ अधिकारी, महिला समिति की सदस्याएं, उत्कल सेवा समिति के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहेंगे।

रथ यात्रा के दौरान उड़िया कीर्तन मंडलियां भक्ति गीतों की प्रस्तुति देंगी, जबकि श्रद्धालु “जय जगन्नाथ” के उद्घोष के साथ रथ की रस्सी खींचकर धार्मिक अनुष्ठान में सहभागी बनेंगे।
रथ यात्रा सेक्टर-4 स्थित जगन्नाथ मंदिर से प्रारंभ होकर बीजीएच मोड़, सिटी सेंटर, महात्मा गांधी चौक और सेक्टर-5 पत्थरकट्टा चौक होते हुए सेक्टर-1 स्थित राम मंदिर (मौसीबाड़ी) पहुंचेगी। लगभग पांच किलोमीटर लंबे यात्रा मार्ग पर विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा श्रद्धालुओं के लिए शर्बत, शीतल पेयजल और महाप्रसाद की व्यवस्था की गई है। भीड़ को देखते हुए मार्ग की विशेष साफ-सफाई और पानी के छिड़काव की भी व्यवस्था की गई है।
रथ यात्रा को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। पूरे मार्ग पर दंडाधिकारियों के साथ पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात रहेगा। रथ के आसपास विशेष सुरक्षा घेरा बनाया जाएगा तथा महिला श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए महिला पुलिसकर्मियों की भी विशेष तैनाती की गई है।
रथ यात्रा के समापन के बाद भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा 23 जुलाई तक सेक्टर-1 स्थित राम मंदिर (मौसीबाड़ी) में विराजमान रहेंगे। इस दौरान प्रतिदिन विशेष पूजा, आरती, भजन-कीर्तन और महाप्रसाद का आयोजन होगा। इसके बाद 24 जुलाई को दोपहर 1:30 बजे बहुड़ा यात्रा (घुरती रथ यात्रा) के माध्यम से तीनों देवता पुनः सेक्टर-4 स्थित जगन्नाथ मंदिर लौटेंगे।

