– रंजीत प्रसाद सिन्हा की रिपोर्ट
जलाभिषेक, छप्पन भोग, भजन संध्या और भंडारे के साथ गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा एवं भक्ति के माहौल में संपन्न
दानापुर, 30 जुलाई। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर दानापुर स्थित साईं अंगना मंदिर में गुरुवार को श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ भव्य महोत्सव का आयोजन किया गया। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। गंगा जल से जलाभिषेक, विशेष पूजा-अर्चना, छप्पन भोग, भजन संध्या और विशाल महाप्रसाद (भंडारा) के माध्यम से साईं बाबा के प्रति भक्तों की अटूट आस्था देखने को मिली।
अहले सुबह श्रद्धालु कचहरी घाट से गंगाजल लेकर शोभायात्रा के रूप में साईं अंगना मंदिर पहुंचे। यहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच साईं बाबा का जलाभिषेक एवं मंगल स्नान कराया गया। इसके बाद विशेष श्रृंगार कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना संपन्न हुई और बाबा को छप्पन भोग अर्पित किया गया।
धार्मिक अनुष्ठान के मुख्य यजमान संजीव श्रीवास्तव एवं दीप्ति श्रीवास्तव रहे। पुजारी दयानंद पांडेय और चितरंजन बाबा के सान्निध्य में संपूर्ण पूजन संपन्न हुआ।
महाप्रसाद (भंडारा) का शुभारंभ छावनी परिषद के अधिशासी अधिकारी वरुण कुमार ने किया। भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। देर रात तक चले आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं की लगातार उपस्थिति बनी रही और मंदिर परिसर पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा।
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शाम को आयोजित भजन संध्या में साईं बाबा के भजनों की मधुर प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। भक्त घंटों तक भक्ति रस में डूबकर भजनों का आनंद लेते रहे। पूरे दिन मंदिर परिसर में श्रद्धा, सेवा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला।
साईं सेवक एवं मुख्य यजमान संजीव श्रीवास्तव ने बताया कि दानापुरवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली तथा दानापुर को ज्ञान की धरती के रूप में स्थापित करने की कामना के साथ हवन-पूजन किया गया।
साईं सेवक संजय पाठक एवं संजय कुमार सिंह ने बताया कि साईं अंगना मंदिर की स्थापना वर्ष 2007 में परम श्रद्धेय गुरुजी डॉ. चन्द्रभानू सत्पथी के मार्गदर्शन में हुई थी। मंदिर के संस्थापक संजीव कुमार हैं, जो रक्षा मंत्रालय के पश्चिमी कमांड, चंडीगढ़ में प्रधान निदेशक के पद पर कार्यरत हैं।
उन्होंने बताया कि मंदिर में स्थापना काल से ही प्रत्येक वर्ष गुरु पूर्णिमा महोत्सव भव्य स्तर पर आयोजित किया जाता है। इसके अतिरिक्त रामनवमी, विजयादशमी, दीपावली, महाशिवरात्रि एवं होली जैसे प्रमुख धार्मिक पर्व भी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाए जाते हैं। मंदिर में आने वाले श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं की चिट्ठी दान पात्र में समर्पित करते हैं तथा मनोकामना पूर्ण होने पर धन्यवाद-पत्र अर्पित कर साईं बाबा के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हैं।
आयोजन को सफल बनाने में अरविंद किराना, संजय यादव, अमन सोनी, शानू, सोनू बाबा, दीपू, गुड्डू, पप्पू, धीरज सहित अनेक साईं सेवकों ने सक्रिय सहयोग देकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

