– Santosh K Srivastav : Editor in Chief & Publisher
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की कार्रवाई, मनरेगा भुगतान के बदले कमीशन मांगने के आरोप में जहानाबाद से गिरफ्तारी
जहानाबाद, 01 जुलाई। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए जहानाबाद जिले के पंडौल पंचायत के मुखिया नंदकिशोर राम को 12 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। ब्यूरो की मुख्यालय टीम ने यह कार्रवाई शकुराबाद बाजार स्थित नेहालपुर मोड़ के समीप की।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार, परिवादी प्रमोद कुमार ने शिकायत दर्ज कराई थी कि वह और उनकी पुत्रवधू मनरेगा योजनाओं में मजदूर एवं मेठ के रूप में कार्य करते हैं। पंडौल पंचायत के पोखवां गांव में संचालित दो मनरेगा योजनाओं में कार्य करने के बाद लगभग 1.64 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका था।
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शिकायत में आरोप लगाया गया कि भुगतान के बाद पंचायत के मुखिया नंदकिशोर राम द्वारा कमीशन के रूप में 12 हजार रुपये रिश्वत की मांग की जा रही थी। शिकायत मिलने के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने मामले का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगे जाने के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए।
इसके बाद निगरानी थाना कांड संख्या 89/26 दिनांक 28 जुलाई 2026 दर्ज कर पुलिस उपाधीक्षक रंजीत कुमार निराला के नेतृत्व में एक विशेष धावा दल का गठन किया गया। टीम ने पूर्व नियोजित कार्रवाई करते हुए आरोपी मुखिया को 12 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के बाद उसे माननीय विशेष न्यायालय (निगरानी), पटना में प्रस्तुत किया जाएगा। मामले में आगे की अनुसंधानात्मक कार्रवाई जारी है।
ब्यूरो ने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में अनियमितता या रिश्वतखोरी की शिकायत मिलने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

