तनावमुक्ति की सीख

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– Santosh Kr. Srivastav : Editor in Chief & Publisher

शांति शिक्षा कार्यक्रम के तहत कार्यशाला, विद्यार्थियों को आत्मशांति और सकारात्मक सोच का संदेश

बोकारो, 07 अगस्त। चिन्मय विद्यालय के स्वामी तपोवन सभागार में शुक्रवार को ‘शांति शिक्षा कार्यक्रम’ के तहत विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को तनाव से दूर रखने, उनमें आत्मशांति की भावना विकसित करने तथा जीवन में सफलता के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने के प्रति जागरूक करना था।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में ‘द प्रेम रावत फाउंडेशन’ के प्रतिनिधि एवं रांची के पोस्टल इंस्पेक्टर उदय कुमार, संस्था की सदस्य रीमा देवी और सोनाली देवी उपस्थित रहीं। विद्यालय के सचिव महेश त्रिपाठी, प्राचार्य सूरज शर्मा, वरीय उप प्राचार्य नरमेंद्र कुमार तथा उप प्राचार्य डॉ. रोशन शर्मा भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

कार्यशाला का शुभारंभ अतिथियों को पौधे भेंट करने तथा परम पूज्य गुरुदेव स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम का संचालन समृति वोहरा ने किया।

‘शांति और सुकून की तलाश जरूरी’

मुख्य वक्ता उदय कुमार ने विद्यार्थियों को ‘द प्रेम रावत फाउंडेशन’ के सामाजिक कार्यों और संस्थापक प्रेम रावत के जीवन दर्शन से परिचित कराया। उन्होंने प्रेरणादायक वीडियो के माध्यम से विद्यार्थियों के साथ उनके विचार साझा किए।

उदय कुमार ने कहा कि जीवन की परिस्थितियों में निर्णय लेते समय मानवीय संवेदनाओं को भी महत्व देना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मशांति और सकारात्मक सोच को जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया। उनके अनुसार, आंतरिक शांति व्यक्ति को जीवन की चुनौतियों का सामना करने और सफलता की दिशा में आगे बढ़ने में मदद करती है।

विद्यालय के प्राचार्य सूरज शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में परिणाम और तुलना की बढ़ती प्रतिस्पर्धा विद्यार्थियों में तनाव का प्रमुख कारण बन रही है। ऐसे वातावरण में विद्यार्थियों के लिए आत्मशांति और मानसिक संतुलन बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम विद्यार्थियों को तनावपूर्ण परिस्थितियों को बेहतर ढंग से समझने और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में मदद करते हैं।

कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य सूरज शर्मा ने ‘द प्रेम रावत फाउंडेशन’ के प्रतिनिधियों को पुस्तकें भेंट कर सम्मानित किया और आयोजन के लिए आभार व्यक्त किया।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2001 में स्थापित ‘द प्रेम रावत फाउंडेशन’ एक गैर-लाभकारी संस्था है, जो भोजन, जल और शांति जैसी मूलभूत मानवीय आवश्यकताओं के माध्यम से लोगों के जीवन में गरिमा और समृद्धि को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य करती है।