– रंजीत प्रसाद सिन्हा की रिपोर्ट
जगत नारायण लाल कॉलेज में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर अकादमिक गोष्ठी, उच्च शिक्षा के उन्नयन के विभिन्न आयामों पर हुआ विमर्श
खगौल, 8 अगस्त 2026। जगत नारायण लाल कॉलेज, खगौल में शनिवार को आंतरिक अकादमिक गोष्ठी का आयोजन किया गया। महाविद्यालय में प्रत्येक शनिवार आयोजित होने वाली इस गोष्ठी का उद्देश्य वर्तमान परिवेश के अनुरूप शिक्षा के प्रभावी स्वरूप, उसके क्रियान्वयन तथा समाज और राष्ट्र के सशक्तीकरण में शिक्षकों की भूमिका पर संवाद करना है।
इस अवसर पर ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में निहित उच्च शिक्षा के उन्नयन के विविध आयाम’ विषय पर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्य वक्ता डॉ. शुभांगी त्रिपाठी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति की रूपरेखा, इसके प्रमुख प्रावधानों तथा क्रियान्वयन के दौरान आने वाली चुनौतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
नियमित अकादमिक संवाद की उपयोगिता पर जोर
आईक्यूएसी निदेशक प्रो. निखिल कुमार सिंह ने अध्यक्षीय संबोधन में नियमित अकादमिक गोष्ठियों की उपयोगिता और महत्त्व पर चर्चा की। उन्होंने ऐसे आयोजनों को शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच ज्ञान, विचार एवं अनुभव साझा करने का प्रभावी माध्यम बताया।
गोष्ठी के समन्वयक प्रो. अविनाश कुमार झा ने कहा कि नवाचार एवं समय और संस्कृति के अनुरूप ज्ञान ही राष्ट्रीय धरोहर है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में निरंतर सुधार के लिए शिक्षकों के बीच समसामयिक समस्याओं और बहुविषयक विषयों पर नियमित संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया।
प्रो. झा ने आत्मनिर्भर भारत, विश्वगुरु की अवधारणा तथा मूल्य एवं नैतिकता आधारित शिक्षा को वर्तमान समय की आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि बदलते सामाजिक और वैश्विक परिवेश के अनुरूप शिक्षा को निरंतर विकसित करना आवश्यक है।
प्रश्नोत्तर सत्र में शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम का संचालन एवं विषय प्रवेश डॉ. पल्लवी ने किया, जबकि प्रतिवेदन डॉ. श्वेता कुमारी ने प्रस्तुत किया। प्रश्नोत्तर सत्र में डॉ. गिरिजेश नंदन, अर्चना, किरण, मेधावी, कोणार्क, शशिकांत, मधुबाला और पंकज सहित शिक्षकों एवं प्रतिभागियों ने सक्रिय भागीदारी की।
गोष्ठी में महाविद्यालय के प्राध्यापकों, शिक्षकेत्तर कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। कार्यक्रम के दौरान उच्च शिक्षा की गुणवत्ता, समकालीन आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रम और शिक्षण पद्धति तथा शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों पर विचार साझा किए गए।

