– एस.एन.चतुर्वेदी की रिपोर्ट
दिल्ली प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्यों को विभिन्न राज्यों का प्रभारी बनाया गया, हिन्दी प्रचार-प्रसार और संगठन विस्तार को मिलेगी गति
नई दिल्ली, 9 अगस्त 2026। हिन्दी भाषा के प्रचार-प्रसार, भारतीय भाषाओं के समन्वय तथा भारतीय संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए कार्यरत वैश्विक संस्था विश्व हिन्दी परिषद ने संगठनात्मक विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। परिषद ने दिल्ली प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्यों को विभिन्न राज्यों का प्रभारी मनोनीत किया है।
परिषद के अनुसार, संगठन भारत सहित दुनिया के विभिन्न देशों में हिन्दी भाषा और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के प्रचार-प्रसार के लिए कार्य कर रहा है। भारतीय भाषाओं के समन्वय के माध्यम से हिन्दी को विश्वभाषा के रूप में प्रतिष्ठित करना तथा हिन्दी को राष्ट्रभाषा के रूप में स्थापित करने की दिशा में प्रयास करना परिषद के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है।
विभिन्न राज्यों की मिली जिम्मेदारी
संगठन के विस्तार और गतिविधियों को देशभर में अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से विश्व हिन्दी परिषद के महासचिव डॉ. विपिन कुमार की उपस्थिति में दिल्ली प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्यों को विभिन्न राज्यों का प्रभारी मनोनीत किया गया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डी.पी. मिश्र, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष डॉ. ऋचा बनर्जी, दिल्ली प्रदेश उपाध्यक्ष अभिलाषा मिश्रा, दिल्ली प्रदेश महामंत्री डॉ. अरविंद सिंह, राष्ट्रीय समन्वयक मुकुल पाण्डेय तथा दिल्ली प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य डॉ. मनोज कुमार पटेरिया सहित परिषद के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
सदस्यता अभियान और हिन्दी सेवा पर जोर
परिषद की ओर से नवनियुक्त प्रभारियों से अपेक्षा की गई कि वे अपने-अपने राज्यों में संगठन की गतिविधियों का प्रभावी विस्तार करेंगे। इसके साथ ही सदस्यता अभियान, संगठनात्मक कार्यक्रमों तथा हिन्दी सेवा से जुड़े विभिन्न कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने पर जोर दिया गया।
परिषद ने विश्वास जताया कि नवनियुक्त प्रभारियों के सहयोग, समर्पण, संगठनात्मक क्षमता और सक्रिय सहभागिता से देशभर में परिषद की गतिविधियों को नई गति मिलेगी। इससे हिन्दी भाषा तथा भारतीय संस्कृति के व्यापक प्रचार-प्रसार के प्रयासों को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
हिन्दी और भारतीय संस्कृति के संरक्षण का संकल्प
विश्व हिन्दी परिषद ने नवनियुक्त प्रभारियों का आह्वान किया कि वे परिषद की परंपराओं, विचारधारा और उद्देश्यों के अनुरूप हिन्दी सेवा, राष्ट्रहित एवं समाजहित से जुड़े कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाएं।
परिषद का कहना है कि सामूहिक प्रयास, संगठनात्मक सक्रियता और समर्पण के माध्यम से हिन्दी को वैश्विक मंच पर और अधिक सशक्त पहचान दिलाने के साथ भारतीय भाषाओं एवं संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के प्रयासों को नई ऊंचाई दी जा सकती है।
परिषद ने उम्मीद जताई कि संगठन के नए प्रभारियों की सक्रियता से विभिन्न राज्यों में हिन्दी से जुड़े कार्यक्रमों और गतिविधियों का विस्तार होगा तथा संगठनात्मक नेटवर्क को और मजबूती मिलेगी।

