– Santosh Kr. Srivastav : Editor in Chief & Publisher
बोकारो में ध्वजारोहण, शहीद कर्मियों को श्रद्धांजलि और पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित
बोकारो, 14 अगस्त 2026। ओएनजीसी सीबीएम परिसंपत्ति, बोकारो के कार्यालय परिसर में शुक्रवार को महारत्न ओएनजीसी का 71वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन परिसंपत्ति प्रबंधक राजीव कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में हुआ। इस अवसर पर अधिकारियों और कर्मचारियों ने ऊर्जा सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
कार्यक्रम की शुरुआत ओएनजीसी बोकारो के प्रमुख मानव संसाधन दयानंद कालुंडिया द्वारा परिसंपत्ति प्रबंधक राजीव कुमार सिन्हा के स्वागत से हुई। इसके बाद ऊर्जा सुरक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले ओएनजीसी कर्मियों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।

गार्ड ऑफ ऑनर के बाद हुआ ध्वजारोहण
परिसंपत्ति प्रबंधक को गार्ड ऑफ ऑनर दिए जाने के बाद ओएनजीसी ध्वज का ध्वजारोहण किया गया। इस दौरान ओएनजीसी गान प्रस्तुत किया गया।
अपने संबोधन में परिसंपत्ति प्रबंधक राजीव कुमार सिन्हा ने कहा कि ओएनजीसी देश की ऊर्जा सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए निरंतर समर्पण और संकल्प के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
स्थापना दिवस पर पौधरोपण
स्थापना दिवस के अवसर पर परिसंपत्ति प्रबंधक राजीव कुमार सिन्हा के नेतृत्व में पौधरोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण और हरित पहल को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में ओएनजीसी बोकारो के प्रमुख मानव संसाधन दयानंद कालुंदिया, प्रमुख एचईसी विजयेंद्र सिंह, प्रमुख सब-सर्फेस टीम सुनाराम मरांडी, प्रमुख ड्रिलिंग अपूर्वज्योति बोरा, भूतल दल प्रमुख विपिन प्रसाद, इंजीनियरिंग सर्विसेज से शिशिर रतन केरकेट्टा, प्रमुख कूप सेवाएं विकास चंद्र सिंह, प्रमुख लॉगिंग सर्विसेज वीरेंद्र सिंह सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख, अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
पूर्व कर्मियों के साथ अनुभव साझा
स्थापना दिवस के अवसर पर ओएनजीसी के पूर्व कर्मियों के साथ अनुभव साझा एवं परिचर्चा कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इसमें पूर्व कर्मियों ने अपने कार्यकाल के अनुभव साझा किए और संस्था की कार्य संस्कृति एवं विकास यात्रा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।
कार्यक्रम के माध्यम से ओएनजीसी की गौरवशाली यात्रा, ऊर्जा सुरक्षा में योगदान और कर्मचारियों की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया गया।

