– एस०एन०चतुर्वेदी की रिपोर्ट
उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान में आयोजित प्रमाण-पत्र वितरण समारोह का उद्घाटन करते हुए उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि यह आयोजन हुनर, सम्मान और आत्मनिर्भरता का एक अद्भुत उत्सव है।
पटना, 25 अगस्त : उपेन्द्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान, पटना में गत सत्र के दौरान विभिन्न हस्तशिल्प एवं पारंपरिक कला विधाओं में सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा करने वाले प्रशिक्षुओं के लिए प्रमाण-पत्र वितरण समारोह अत्यंत धूमधाम से आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान संस्थान आगमन पर बिहार सरकार की उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह का संस्थान के निदेशक डॉ. विद्यानंद सिंह द्वारा भव्य स्वागत किया गया।
समारोह का शुभारंभ उद्योग मंत्री द्वारा संस्थान स्थित संग्रहालय के अवलोकन से हुआ। संग्रहालय में बिहार की समृद्ध कला, गौरवशाली परंपरा एवं सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने वाली विभिन्न उत्कृष्ट कलाकृतियों को देखकर मंत्री ने सराहना व्यक्त की। इसके पश्चात उन्होंने पारंपरिक रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया।

प्रमाण-पत्र वितरण के दौरान गत सत्र के प्रशिक्षणार्थियों को उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह तथा संस्थान निदेशक डॉ. विद्यानंद सिंह द्वारा सम्मानित किया गया। प्रमाण-पत्र प्राप्त करते समय सभी प्रशिक्षुओं के चेहरे पर अपने हुनर के प्रति मजबूत आत्मविश्वास और भविष्य में आगे बढ़ने का स्पष्ट उत्साह दिखाई दे रहा था।
अपने संबोधन में उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने सभी सफल प्रशिक्षुओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने पारंपरिक कला एवं हस्तशिल्प को कौशल विकास, रोजगार तथा स्वरोजगार से जोड़ते हुए आत्मनिर्भरता की दिशा में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
समारोह समापन के पश्चात उद्योग मंत्री ने संस्थान में संचालित विभिन्न हस्तशिल्प प्रशिक्षण शाखाओं का निरीक्षण भी किया। उन्होंने वहां प्रशिक्षण ले रहे प्रशिक्षुओं से प्रत्यक्ष संवाद किया और उनके द्वारा निर्मित हस्तनिर्मित उत्पादों, कलाकृतियों तथा प्रशिक्षण गतिविधियों की जानकारी ली। यह समारोह प्रशिक्षुओं के कौशल को पहचान, उनके अथक परिश्रम को सम्मान और उनके उज्ज्वल भविष्य को नई दिशा प्रदान करने वाला एक अत्यंत प्रेरणादायी अवसर सिद्ध हुआ।

