– संतोष श्रीवास्तव की रिपोर्ट
गिरफ्तारी के एक महीने बाद कार्मिक विभाग ने जारी की अधिसूचना, जेल में बंद हैं झारखंड प्रशासनिक सेवा की अधिकारी
रांची, 25 अगस्त। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा मामले में गिरफ्तार की गईं उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता को न्यायिक हिरासत के एक महीने बाद आखिरकार निलंबित कर दिया गया है। कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग ने सोमवार को इस संबंध में औपचारिक अधिसूचना जारी की। श्वेता गुप्ता वर्तमान में बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में बंद हैं।
मामले की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (CID) की टीम ने 22 जुलाई को श्वेता गुप्ता को गिरफ्तार किया था। नियमानुसार किसी भी सरकारी सेवक के 48 घंटे से अधिक न्यायिक हिरासत में रहने पर निलंबन की कार्रवाई की जाती है। हालाँकि, कार्मिक विभाग को गिरफ्तारी की आधिकारिक सूचना समय पर न मिलने के कारण यह कार्रवाई अटकी हुई थी। सूचना प्राप्त होते ही विभाग ने निलंबन का आदेश जारी कर दिया।
झारखंड प्रशासनिक सेवा की अधिकारी श्वेता गुप्ता पूर्व में भी जेपीएससी में उप परीक्षा नियंत्रक के पद पर दो वर्ष से अधिक समय तक तैनात रह चुकी थीं। इसके पश्चात उनका स्थानांतरण खाद्य आपूर्ति विभाग में किया गया था। वहां योगदान देने के कुछ ही समय बाद उन्हें पुनः 15 दिनों के लिए जेपीएससी में प्रतिनियुक्त किया गया। प्रतिनियुक्ति के महज़ 13वें दिन ही सीआईडी ने उन्हें परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के सिलसिले में गिरफ्तार कर लिया था।

