संसदीय समिति ने खुदा बख्श लाइब्रेरी की सेवाओं को सराहा

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– एस०एन०चतुर्वेदी की रिपोर्ट

भारत सरकार की संस्कृति संबंधी संसदीय स्थायी समिति के 31 सांसदों के शिष्टमंडल ने खुदा बख्श लाइब्रेरी का दौरा कर वहां की दुर्लभ धरोहरों और संरक्षण व्यवस्था का अवलोकन किया।

पटना, 25 अगस्त : लाइब्रेरी परिसर पहुंचने पर संस्थान के निदेशक प्रो० मोहम्मद जाहिदुल हक ने सभी सांसदों का गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया और कुछ महत्वपूर्ण प्रकाशित पुस्तकें उपहार स्वरूप प्रदान कीं। इसके बाद उन्होंने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से लाइब्रेरी के इतिहास, दुर्लभ संग्रह तथा लगभग एक हजार वर्ष पुरानी सबसे प्राचीन पांडुलिपि एवं राष्ट्रीय महत्व की चार प्रमुख पांडुलिपियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

समिति के अध्यक्ष संजय कुमार झा ने लाइब्रेरी के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि इतनी प्राचीन धरोहरों का संरक्षण अत्यंत कठिन कार्य है, जिसे प्रबंधन और कर्मचारियों ने बड़ी कुशलता से संभाला है। सांसद सुधा मूर्ति, राजीव प्रताप रूड़ी, इमरान प्रतापगढ़ी, विश्वेश्वर हेगड़े कागेरी, जून मलिया सहित अन्य सांसदों ने भी लाइब्रेरी की सेवाओं की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।

निरीक्षण के दौरान निदेशक ने लाइब्रेरी के भविष्य के विस्तार के लिए अलग स्थान उपलब्ध कराने और एनेक्सी बिल्डिंग को ‘जी + 4’ मंजिला बनाने का प्रस्ताव सांसदों के समक्ष रखा। एक घंटे से अधिक समय तक दुर्लभ पांडुलिपियों का अवलोकन करने के बाद संसदीय दल पटना से रवाना हो गया।

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