प्रमंडलीय आयुक्त ने की लोक शिकायत मामलों की सुनवाई, समयबद्ध व निष्पक्ष कार्रवाई के निर्देश

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– एस०एन०चतुर्वेदी की रिपोर्ट

अतिक्रमण मुक्ति, सड़क मरम्मति, गलत भूमि निबंधन और लंबित अनुग्रह अनुदान पर दिए कड़े आदेश

पटना, 31 अगस्त: पटना प्रमंडलीय आयुक्त राजेश कुमार ने बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार कानून के तहत प्रथम अपीलीय प्राधिकार के रूप में 26 मामलों की सुनवाई की। इस सुनवाई में पटना, नालंदा, भोजपुर, बक्सर और रोहतास जिले से संबंधित मामले शामिल रहे। प्रमंडलीय आयुक्त ने परिवादियों की शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को निष्पक्ष जांच और तय समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए।

नालंदा जिले के सड़क मरम्मति से जुड़े मामले में कार्यपालक अभियंता द्वारा 31 अक्टूबर तक कार्य पूरा करने की बात कहे जाने पर आयुक्त ने नालंदा डीएम को अपनी निगरानी में गुणवत्तापूर्ण कार्य कराने का निर्देश दिया। भोजपुर में जमीन का पर्चा निर्गत करने और जमाबंदी कायम करने के मामले में अपर समाहर्ता को स्थल जांच कर योग्य विस्थापितों के पुनर्वास की प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया। बक्सर के दुल्लहपुर स्थित कस्तूरबा गांधी स्मारक विद्यालय की भूमि को 15 दिनों में माप कराकर एक माह के भीतर अतिक्रमण मुक्त कराने का आदेश दिया गया। वहीं, महर्षि विश्वामित्र पार्क के रुके हुए कार्य को लेकर डीएफओ को विभाग से समन्वय बनाकर निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराने का निर्देश दिया गया।

बक्सर में कृषि भूमि की दर पर निबंधन कराकर आवासीय रूप में बेचने और राजस्व क्षति पहुंचाने की शिकायत पर निबंधन महानिरीक्षक को जांच कर दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। रोहतास के बिक्रमगंज में नाला व बस स्टॉप निर्माण में अनियमितता की शिकायत पर डीएम रोहतास को परिवादी की मौजूदगी में निष्पक्ष स्थल जांच कराने को कहा गया। इसके अलावा सड़क दुर्घटना सहित अन्य मामलों में लंबित अनुग्रह अनुदान व मुआवजे का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।