– संतोष श्रीवास्तव की रिपोर्ट
दोहरी नीति का आरोप लगाकर बोकारो बंद की चेतावनी; बीएसएल ने कहा-जनहित, सुरक्षा और सुगम आवागमन के लिए जारी रहेगा विधि-सम्मत अभियान
बोकारो, 11 सितंबर 2026: इस्पातनगरी बोकारो की हृदयस्थली कहे जाने वाले सिटी सेंटर में शुक्रवार को उस वक्त भारी प्रशासनिक हलचल मच गई, जब बोकारो इस्पात संयंत्र (बीएसएल) का दल अतिक्रमण हटाने के लिए सड़कों पर उतरा। दंडाधिकारी और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में कॉमन एरिया और बरामदों से अवैध कब्जे हटाए गए। कार्रवाई के बाद स्थानीय व्यवसायियों में बीएसएल प्रबंधन और जिला प्रशासन के प्रति आक्रोश व्याप्त हो गया।
एक ओर व्यापारी बीएसएल प्रबंधन पर दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बीएसएल प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि आम जनता की सुरक्षा और सुगम आवागमन के लिए चलाया जा रहा यह विधि-सम्मत अभियान आगे भी जारी रहेगा।

व्यापारिक संगठनों ने खोला मोर्चा
बीएसएल की कार्रवाई के विरोध में बोकारो चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज और बोकारो व्यवसायिक प्लॉट होल्डर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने मोर्चा खोल दिया है।
चैंबर अध्यक्ष मनोज चौधरी ने प्रबंधन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सिटी सेंटर में एक तरफ बरामदों में थोड़ा-बहुत सामान रखने वाले छोटे व्यापारियों पर कार्रवाई की जा रही है, जबकि दूसरी ओर पार्किंग, मुख्य सड़कों और सीवरेज लाइनों पर शटर वाली पक्की दुकानें बनाकर स्थायी कब्जे कर लिए गए हैं। उनका आरोप है कि ऐसे कब्जों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
उन्होंने दोटूक चेतावनी दी कि यदि स्थायी कब्जों पर समान रूप से कार्रवाई नहीं हुई और कोई ठोस समाधान नहीं निकला, तो व्यापारी उग्र आंदोलन के साथ बोकारो बंद जैसा कठोर कदम उठाने को बाध्य होंगे।
सीवेज टंकियों पर पक्के कब्जे से परेशानी का आरोप
चैंबर के महामंत्री राजकुमार जायसवाल ने भी आक्रोश जताते हुए कहा कि सिटी सेंटर की पार्किंग और सीवेज टंकियों के ऊपर तक अवैध दुकानें बना दी गई हैं। उनका कहना है कि सीवेज लाइन जाम होने पर पूरा गंदा पानी बाजार में भर जाता है।
उन्होंने कहा कि पार्किंग पर कब्जों के कारण ग्राहकों को वाहन खड़ा करने की जगह नहीं मिलती, जिससे कारोबार प्रभावित हो रहा है।
वहीं, बोकारो व्यवसायिक प्लॉट होल्डर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र विश्वकर्मा ने कहा कि आज खीरा से लेकर हीरा तक सब कुछ सड़क पर बिक रहा है। उन्होंने उपायुक्त से मांग की कि सड़क तक आ चुकी शटर वाली अवैध दुकानों और शहरभर में किए गए बड़े अवैध कब्जों पर भी समान रूप से त्वरित कार्रवाई की जाए।
बीएसएल प्रबंधन ने कहा-जनहित और सुरक्षा के लिए जरूरी है अभियान
व्यापारियों के विरोध के बीच बोकारो इस्पात संयंत्र प्रबंधन ने भी अपना पक्ष स्पष्ट किया है। बीएसएल के आधिकारिक सूत्रों द्वारा प्रेस को जारी वक्तव्य के अनुसार, सिटी सेंटर क्षेत्र में चलाया गया विशेष अभियान आम लोगों की सुविधा, सुरक्षा और व्यापक जनहित को ध्यान में रखकर चलाया गया है।
प्रबंधन के अनुसार, कार्रवाई से पहले समाचार पत्रों के माध्यम से दो बार सार्वजनिक सूचना जारी कर प्लॉटधारियों से स्वयं अतिक्रमण हटाने की अपील की गई थी। हाल ही में हुए प्रशासनिक निरीक्षण के दौरान भी कॉमन एरिया में अतिक्रमण के कारण आवागमन में हो रही भारी असुविधा और सुरक्षा संबंधी खतरों की बात सामने आई थी।
बीएसएल प्रबंधन ने दोहराया कि अभियान पूरी तरह विधि-सम्मत है और सिटी सेंटर के सभी कॉमन एरिया को हर हाल में अतिक्रमणमुक्त कराया जाएगा।
सिटी सेंटर के कायाकल्प का भी दावा
बीएसएल प्रबंधन ने दुकानदारों को भरोसा दिलाया कि अतिक्रमण हटाने के अभियान के साथ-साथ सिटी सेंटर के समग्र विकास और कायाकल्प के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए जाएंगे। इनमें सड़क की मरम्मत, ड्रेनेज सिस्टम में सुधार और पार्किंग व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के कार्य शामिल हैं।
बीएसएल ने सभी प्लॉटधारियों और व्यवसायियों से अपील की है कि वे शहर में सुगम आवागमन और बेहतर नागरिक सुविधाओं के निर्माण में प्रशासन का सहयोग करें।
फिलहाल, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर व्यापारी संगठनों और बीएसएल प्रबंधन के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। एक ओर व्यापारी समान कार्रवाई की मांग को लेकर आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं, वहीं प्रबंधन ने सिटी सेंटर के कॉमन एरिया को अतिक्रमणमुक्त कराने का अभियान जारी रखने की बात कही है।
