– एस०एन०चतुर्वेदी की रिपोर्ट
विद्यार्थियों के मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य को लेकर शिक्षकों को दिया गया व्यावहारिक प्रशिक्षण
बक्सर, 12 सितंबर 2026। जिला प्रशासन की महत्वाकांक्षी ‘मिशन ज्ञानार्जन’ पहल के तहत विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास के साथ-साथ उनके मानसिक स्वास्थ्य एवं भावनात्मक कल्याण को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से बक्सर राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय के ऑडिटोरियम में शनिवार को एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पदाधिकारी साहिला ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यशाला का आयोजन जिला शिक्षा कार्यालय द्वारा किया गया, जबकि तकनीकी सहयोग ‘वर्ल्डबीइंग इंडिया’ की टीम की ओर से प्रदान किया गया। कार्यशाला में जिले के विभिन्न विद्यालयों के शैक्षणिक नेतृत्व से जुड़े पदाधिकारियों एवं शिक्षकों ने भाग लिया।
कार्यशाला के विभिन्न सत्रों के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक संतुलन, तनाव प्रबंधन तथा विद्यार्थियों की मनोवैज्ञानिक आवश्यकताओं को समझने के संबंध में शिक्षकों को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इसका उद्देश्य शिक्षकों में विद्यार्थियों के मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य के प्रति समझ विकसित करने के साथ-साथ तनाव प्रबंधन और भावनात्मक संतुलन से जुड़े व्यावहारिक कौशल को मजबूत करना था।
सुरक्षित एवं सहयोगात्मक वातावरण पर जोर
कार्यशाला में विद्यार्थियों के मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य के महत्व पर विशेष चर्चा की गई। साथ ही KGBVs, PM SHRI एवं मॉडल स्कूलों में सुरक्षित, सकारात्मक, संवेदनशील एवं सहयोगात्मक वातावरण के निर्माण पर भी जोर दिया गया।
जिला पदाधिकारी साहिला ने कहा कि “मिशन ज्ञानार्जन” का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि उनके सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करना है। मानसिक और भावनात्मक रूप से स्वस्थ एवं सुरक्षित वातावरण मिलने पर ही बच्चे अपनी पूर्ण क्षमता का प्रदर्शन कर सकते हैं।

विशेषज्ञों ने शिक्षकों को किया उन्मुख
‘वर्ल्डबीइंग इंडिया’ के विशेषज्ञों द्वारा इंटरैक्टिव सत्रों के माध्यम से शिक्षकों को व्यक्तिगत क्षमताओं की पहचान, सकारात्मक परिवर्तन, तनाव प्रबंधन तथा बच्चों की मनोवैज्ञानिक आवश्यकताओं को समझने के संबंध में उन्मुखीकरण प्रदान किया गया।
कार्यशाला के दौरान शिक्षकों को इस बात की जानकारी दी गई कि विद्यार्थियों के व्यवहार, भावनात्मक स्थिति और मनोवैज्ञानिक आवश्यकताओं को समझते हुए विद्यालयों में ऐसा वातावरण विकसित किया जाए, जहां बच्चे स्वयं को सुरक्षित, सहज और सहयोग प्राप्त करने योग्य महसूस कर सकें।
कार्यशाला के प्रमुख उद्देश्य
कार्यशाला में मानसिक स्वास्थ्य एवं भावनात्मक कल्याण की समझ विकसित करने, तनाव प्रबंधन एवं भावनात्मक संतुलन के व्यावहारिक कौशल को मजबूत करने तथा विद्यार्थियों के मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य के महत्व को समझने पर विशेष बल दिया गया। साथ ही विद्यालयों में सकारात्मक एवं संवेदनशील शैक्षणिक वातावरण तैयार करने को मिशन ज्ञानार्जन का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया।
