– एस०एन०चतुर्वेदी की रिपोर्ट
महाराष्ट्र की नाट्यकला और लोक संस्कृति के रंगों में सजी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, 112 शिक्षक प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा
संभाजीनगर (महाराष्ट्र), 12 सितंबर 2026: भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केंद्र (सीसीआरटी) द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप 7 से 11 सितंबर 2026 तक संस्कृति ग्लोबल स्कूल एवं महाराष्ट्र के संभाजीनगर स्थित सावंगी जूनियर कॉलेज में आयोजित पांच दिवसीय ‘शिक्षा में नाट्यकला’ कार्यशाला का समापन समारोह 11 सितंबर 2026 को हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ।
कार्यशाला में संभाजीनगर के 112 शिक्षक प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। समापन समारोह की मुख्य अतिथि जिला परिषद की ईओ अश्विनी लाटकर रहीं। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मराठवाड़ा विश्वविद्यालय के ड्रामा विभाग की सहायक व्याख्याता स्मिता साबले तथा डॉ. बाबासाहेब मोलालकर एवं डॉ. सुनील आदिक की गरिमामयी उपस्थिति रही।

महाराष्ट्र की लोकपरंपराओं की जीवंत झलक
समापन समारोह के अवसर पर शिक्षक प्रतिभागियों ने महाराष्ट्र की समृद्ध नाट्य एवं लोकपरंपराओं पर आधारित विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। इनमें लेजिम, पोवाड़ा, लावणी, पोतराज, कोळी गीत, शेतकरी गीत तथा एकपात्री नाटक प्रमुख रहे।
इन प्रस्तुतियों के माध्यम से महाराष्ट्र की लोकसंस्कृति, सामाजिक जीवन और लोकपरंपराओं की जीवंत एवं प्रभावशाली झलक प्रस्तुत की गई। प्रतिभागियों ने नाट्यकला एवं लोककलाओं के माध्यम से सांस्कृतिक विरासत को शिक्षा से जोड़ने का संदेश भी दिया।

प्रतिभागी शिक्षकों को प्रदान किए गए प्रमाण-पत्र
कार्यक्रम के अंत में कार्यशाला में सहभागिता करने वाले सभी प्रतिभागी शिक्षकों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। पांच दिवसीय कार्यशाला के दौरान शिक्षकों ने नाट्यकला के विभिन्न पहलुओं के साथ लोककलाओं एवं सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों को शिक्षा के माध्यम के रूप में उपयोग करने से संबंधित गतिविधियों में सहभागिता की।
समापन समारोह के दौरान सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, संस्थान एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। इसके साथ ही पांच दिवसीय ‘शिक्षा में नाट्यकला’ कार्यशाला का विधिवत समापन हुआ।
