एस०एन०चतुर्वेदी की रिपोर्ट
करजान-ताजपुर पुल निर्माण में जल निकासी की व्यवस्था पर ग्रामीणों का आक्रोश, मुखिया ने निर्माण कंपनी को दी तत्काल समाधान की चेतावनी
पटना/बाढ़ : पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल अंतर्गत अथमलगोला प्रखंड में करजान-ताजपुर पुल का निर्माण करा रही नवयुगा कंस्ट्रक्शन कंपनी की कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि जल निकासी की गलत व्यवस्था और मिट्टी भराई के कारण बहादुरपुर, उस्मानपुर, कल्याणपुर तथा रामनगर करारी कछार पंचायतों के निचले इलाकों में जलजमाव की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है। इससे हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जलजमाव की समस्या को लेकर सोमवार को जमालपुर में ग्रामीणों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्रामीणों ने निर्माण कंपनी की कार्यप्रणाली के प्रति विरोध जताते हुए समस्या का तत्काल समाधान कराने की मांग की।

बैठक में मुख्य वक्ता मुखिया अरविंद कुमार ने आरोप लगाया कि निर्माण कंपनी के कर्मियों द्वारा स्थानीय लोगों की समस्याओं और हितों की अनदेखी करते हुए मनमाने तरीके से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जल निकासी के लिए गलत स्थान पर पाइप डालने के बाद मिट्टी भराई कर दी गई, जिसके कारण पानी की निकासी बाधित हो गई है।
मुखिया अरविंद कुमार ने कहा कि निचले इलाकों में पानी जमा होकर सड़ रहा है। लंबे समय तक जलजमाव रहने से महामारी और संक्रामक रोग फैलने का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इस समस्या से निजात पाने और अपने अधिकारों के लिए एकजुट हुए हैं।
ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए अथमलगोला के प्रखंड विकास पदाधिकारी राजेश कुमार, अंचलाधिकारी अशोक कुमार, कल्याणपुर के मुखिया तथा क्षेत्र के अन्य प्रबुद्ध लोग मौके पर पहुंचे और प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया।
प्रखंड विकास पदाधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि अधिकारियों की टीम ने प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया है। उन्होंने कहा कि निर्माण कंपनी के उच्च अधिकारियों से इस संबंध में बातचीत की गई है। ग्रामीणों की ओर से अंचलाधिकारी को मांग-पत्र भी सौंपा गया।
अंचलाधिकारी अशोक कुमार एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी राजेश कुमार ने मुखिया और ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि वरीय अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर जल निकासी की समस्या का शीघ्र एवं स्थायी समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा।
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि यदि जलजमाव की समस्या का तत्काल समाधान नहीं किया गया तो वे आगे भी आंदोलनात्मक कदम उठाने को मजबूर होंगे।
