एस०एन०चतुर्वेदी की रिपोर्ट
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में साधु समागम व ग्रंथ लोकार्पण, नए शोध केंद्रों का हुआ उद्घाटन
नई दिल्ली, 18 सितंबर 2026: केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली में पेजावर अधोक्षज मठ (उडुपी) के पीठाधीश्वर विश्वप्रसन्नतीर्थ स्वामीजी की दिव्य उपस्थिति एवं कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी की अध्यक्षता में साधु समागम, ग्रंथ लोकार्पण, सम्मान समारोह तथा नए शोध केंद्रों के उद्घाटन का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय द्वारा विश्वप्रसन्नतीर्थ स्वामीजी को “सनातनधर्मप्रवर्तनाचार्य” की मानद उपाधि से अलंकृत किया गया।
समारोह में श्रीमद् आनंदतीर्थ माध्वाचार्य प्रणीत “श्री माध्वभाष्य तथा ब्रह्मसूत्र-द्वैतभाष्य” के प्रथम हिंदी अनुवाद सहित पांच महत्वपूर्ण ग्रंथों का लोकार्पण हुआ। यह अनुवाद विश्वविद्यालय के प्रकाशन विभाग के निदेशक प्रो. काशीनाथ न्यौपाने द्वारा किया गया है। इसके साथ ही स्वामीजी के कर-कमलों द्वारा मुंबई स्थित मुम्बा देवी आदर्श स्नातकोत्तर शोध संस्थान, पुणे डेक्कन कॉलेज के भारतीय ज्ञान परंपरा प्रभाग, हैदराबाद संस्कृत अकादमी तथा हरियाणा के संस्कृत विद्यापीठ (बघोला) के नवस्थापित शोध केंद्रों का उद्घाटन संपन्न हुआ। ये केंद्र भारतीय ज्ञान परंपरा, उच्चस्तरीय शोध और अकादमिक गतिविधियों को नई गति देंगे।

कार्यक्रम में संस्कृत, पाली एवं प्राकृत पांडुलिपियों के कैटलॉग व शोध-सामग्री को एक मंच पर लाने वाले यूसीसीआई (Union Catalogue Database) का भी लोकार्पण किया गया। मुख्य अतिथि श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मुरली मनोहर पाठक तथा संस्कृत संवर्धन प्रतिष्ठान के निदेशक आचार्य चांदकिरण सलूजा सहित अनेक विद्वान व शोधार्थी उपस्थित रहे। मंच संचालन प्रो. गणेश टी. पण्डित ने किया और संयोजक प्रो. मधुकेश्वर भट्ट रहे।
