सीसीएल वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में मजदूरों का जोरदार प्रदर्शन

Live ख़बर

– संतोष श्रीवास्तव की रिपोर्ट

न्यूनतम मजदूरी और सुरक्षा उपकरणों की मांग को लेकर दो घंटे ठप रहा काम

बोकारो थर्मल, 19 सितंबर 2026: गोविंदपुर एफ पंचायत स्थित लहरियाटांड़ के समीप सीसीएल द्वारा निर्माणाधीन वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में शनिवार को कार्यरत मजदूरों का आक्रोश फूट पड़ा। मेकॉन कंपनी के अधीन काम कर रहे करीब 40 मजदूरों ने केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी न मिलने, बुनियादी सुरक्षा उपकरणों के अभाव और श्रम अधिकारों के हनन के विरोध में दो घंटे तक काम पूरी तरह ठप रखा।

मजदूरों का कहना है कि दिसंबर 2025 से कार्यरत होने के बावजूद उन्हें निर्धारित दर से काफी कम भुगतान किया जा रहा है। साधारण मजदूर को 400 रुपये तथा मिस्त्री को 600 से 650 रुपये ही दिए जा रहे हैं। सरिया और भारी सामग्री के जोखिम भरे काम के बीच मजदूरों को हेलमेट, सेफ्टी जूते और दस्ताने तक नहीं मिले हैं, जिससे वे चप्पल पहनकर काम करने को विवश हैं। साथ ही मास्टर रोल में हाजिरी, ईपीएफ और ईएसआई जैसी सुविधाओं की भी अनदेखी की जा रही है। जगरनाथ प्रजापति, संतोष यादव, अमन राम समेत कई कर्मियों ने हक मांगने पर काम से निकालने की धमकी देने का आरोप लगाया। वहीं जमीन मालिक गोविंद प्रजापति ने भी अधिग्रहीत जमीन का बकाया मुआवजा और नौकरी न मिलने की शिकायत उठाई।

इधर, कंपनी की ओर से कार्य देखने वाले अभियंता दीपक कुमार ने कहा कि वे स्थायी रूप से कार्य नहीं देखते हैं, बुलाए जाने पर ही आते हैं। मजदूरों ने चेतावनी दी है कि केंद्रीय दरों पर मजदूरी, सुरक्षा साधन और मुआवजा समाधान न होने तक उनका विरोध जारी रहेगा।

Verified by MonsterInsights