-एस०एन०चतुर्वेदी की रिपोर्ट
16 सुपर जोन, 45 जोन और 365 सेक्टर में बंटा मेला क्षेत्र; क्राउड मैनेजमेंट और सुरक्षा को लेकर डीएम-एसएसपी ने की संयुक्त ब्रीफिंग
गयाजी, 24 सितंबर: विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक पितृपक्ष मेला 2026 के अवसर पर देश-विदेश से आने वाले लाखों तीर्थयात्रियों की सुरक्षा, सुगम आवागमन और बेहतर नागरिक सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए गया जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। बुधवार को हरिदास सेमिनरी प्रेक्षागृह में मेला में प्रतिनियुक्त सभी दंडाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों, जोनल, सुपर जोनल, सेक्टर प्रभारियों एवं महिला दंडाधिकारियों की संयुक्त उच्चस्तरीय ब्रीफिंग आयोजित की गई। बैठक की संयुक्त अध्यक्षता जिलाधिकारी शशांक शुभंकर एवं वरीय पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार ने की।
जिलाधिकारी ने बताया कि इस वर्ष पितृपक्ष मेला 25 सितंबर से 10 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होगा। मेले का औपचारिक धार्मिक शुभारंभ 25 सितंबर को गोदावरी तालाब में तर्पण के साथ होगा। तीर्थयात्रियों के सुचारू प्रबंधन के लिए पूरे मेला क्षेत्र को 16 सुपर जोन, 45 जोन एवं 365 सेक्टरों में विभाजित किया गया है, जहां पर्याप्त संख्या में मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती की गई है।
क्राउड मैनेजमेंट, घाट व्यवस्था एवं मंदिर दर्शन रूट
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि देवघाट एवं विष्णुपद मंदिर जैसे प्रमुख स्थलों पर क्राउड मैनेजमेंट प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी। भगदड़ जैसी किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए संकीर्ण मार्गों और संवेदनशील ‘चोक प्वॉइंट्स’ पर विशेष टीमें तैनात रहेंगी।
- विशाल तर्पण क्षमता: श्मशान घाट से लेकर गयाजी डैम तक एक समय में लगभग 40 से 50 हजार श्रद्धालु बैठकर तर्पण कर सकेंगे। इसके अलावा विष्णुपथ और सीता पथ पर बने नए बड़े घाटों पर भी भव्य वाटरप्रूफ पंडाल लगाए गए हैं।
- जल सुरक्षा: देवघाट सहित सभी प्रमुख सरोवरों और तालाबों में एसडीआरएफ, प्रशिक्षित गोताखोर, लाइफ जैकेट और नावों की पुख्ता व्यवस्था रहेगी। प्रमुख जलस्रोतों पर बैरिकेडिंग व साइन बोर्ड लगाए गए हैं।
- सुरक्षित मंदिर दर्शन: तर्पण के बाद विष्णुपद मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुव्यवस्थित कतारबद्ध रूट प्लान लागू रहेगा।

‘पिंडदान गयाजी’ मोबाइल ऐप और आपातकालीन सेवाएं
मेला क्षेत्र में एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और कंट्रोल रूम के आपातकालीन नंबर सार्वजनिक स्थलों पर प्रदर्शित किए गए हैं। डीएम ने सभी प्रतिनियुक्त अधिकारियों को अपने मोबाइल में “पिंडदान गयाजी” (Pind Daan Gaya Ji) मोबाइल ऐप अनिवार्य रूप से डाउनलोड करने का निर्देश दिया, जिसके माध्यम से श्रद्धालुओं की किसी भी समस्या व शिकायत का त्वरित निस्तारण संबंधित सेल द्वारा किया जाएगा। प्रत्येक सेक्टर में सफाई, पीएचईडी और विद्युत विभाग की संयुक्त त्वरित प्रतिक्रिया टीमें लगातार सक्रिय रहेंगी।
सुरक्षा व्यवस्था व यातायात प्रबंधन पर एसएसपी का कड़ा रुख
वरीय पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार ने कहा कि सुरक्षा में किसी प्रकार की चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंदिर परिसर के समीप एक अस्थायी थाना स्थापित किया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी एटीएम केंद्रों के पास विशेष गश्त और पेट्रोलिंग के आदेश दिए गए हैं। भीड़ नियंत्रण के लिए पब्लिक एड्रेस सिस्टम और मैनपैक वायरलेस सेट से लैस पुलिस बल तैनात रहेगा। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि निर्धारित वन-वे रूट, पार्किंग व्यवस्था और ट्रैफिक नियमों का कड़ाई से अनुपालन कराया जाएगा।
ब्रीफिंग के दौरान सभी अधिकारियों और कर्मियों को निर्धारित ड्रेस कोड में उपस्थित रहने, पंडा समाज के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने और श्रद्धालुओं के साथ विनम्र व सेवा भाव से पेश आने का संकल्प दिलाया गया।
