बोकारो में अतिवृष्टि की आशंका पर प्रशासन अलर्ट, 24 घंटे एक्टिव रहेगा कंट्रोल रूम

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-संतोष श्रीवास्तव की रिपोर्ट

उपायुक्त अजय नाथ झा ने जारी की सख्त गाइडलाइन, सीसीएल-बीसीसीएल खदानों में भू-धंसान पर पैनी नजर

बोकारो, 24 सितंबर 2026। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), रांची द्वारा बोकारो जिले में भारी बारिश को लेकर जारी चेतावनी के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद और अलर्ट मोड पर आ गया है। संभावित अतिवृष्टि, जलभराव, बाढ़ और जान-माल के नुकसान को रोकने के लिए उपायुक्त-सह-अध्यक्ष, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार अजय नाथ झा ने आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 30 के तहत सभी विभागों, अंचलों और औद्योगिक इकाइयों के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

आपात स्थिति से निपटने के लिए जिला नियंत्रण कक्ष को 24×7 सक्रिय कर दिया गया है। आम नागरिक किसी भी दुर्घटना या जलजमाव की सूचना दूरभाष नंबर 06542-247891 एवं 06542-223705 पर दे सकते हैं। अपर समाहर्ता, बोकारो को इसका वरीय प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही सभी अंचल कार्यालयों में त्वरित प्रतिक्रिया दल (QRT) तैनात किए गए हैं।

उपायुक्त ने चास व बोकारो नगर निगम तथा फुसरो नगर परिषद को जल निकासी सुनिश्चित करने और पथ निर्माण विभाग को क्षतिग्रस्त सड़कों व डायवर्शन पर लाल बैरिकेडिंग लगाने का आदेश दिया है। विद्युत आपूर्ति बाधित न हो, इसके लिए चास, तेनुघाट और बीएसएल पावर ग्रिड को हाई अलर्ट पर रखा गया है। वन विभाग को सड़कों किनारे सूखे और खतरनाक पेड़ों को हटाने के निर्देश दिए गए हैं।

जलप्रपातों और पिकनिक स्थलों पर हादसों की रोकथाम के लिए गहरे पानी वाले क्षेत्रों में बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग को सर्पदंश से बचाव हेतु सभी सीएचसी में पर्याप्त मात्रा में एंटीवेनम इंजेक्शन और जीवनरक्षक दवाओं का स्टॉक रखने को कहा गया है। जर्जर और कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों को चिह्नित कर जरूरत पड़ने पर राहत शिविरों में शिफ्ट करने तथा सरकारी-निजी भवनों में तड़ित चालकों की जांच के निर्देश दिए गए हैं।

कोयलांचल के संवेदनशील खदान क्षेत्रों में भारी बारिश के चलते भू-धंसान और गैस रिसाव के खतरे को देखते हुए सीसीएल और बीसीसीएल प्रबंधन को प्रभावित इलाकों में 24 घंटे पैनी नजर रखने और बैरिकेडिंग करने की हिदायत दी गई है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे जलजमाव वाले क्षेत्रों, गहरे नालों और जर्जर पुल-पुलियों के पास जाने से बचें।

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