–लाइव ख़बर नेशन || एस०एन०चतुर्वेदी
‘एकात्म मानववाद और समकालीन चुनौतियां’ विषय पर जुटे देशभर के विद्वान, अंत्योदय और राष्ट्र निर्माण पर हुआ मंथन
पटना, 01 अक्टूबर 2026 : भारतीय जनसंघ के संस्थापक और एकात्म मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती पर पटना के ए.एन. कॉलेज में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की गई। यह बौद्धिक आयोजन पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्टडीज एंड एडवांस रिसर्च सेंटर, इतिहास संकलन समिति (दक्षिण बिहार) और ए.एन. कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। संगोष्ठी का मुख्य विषय ‘एकात्म मानववाद और समकालीन चुनौतियां : पंडित दीनदयाल उपाध्याय के दृष्टिकोण से पुनर्पाठ’ रहा।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना (नई दिल्ली) के राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. बालमुकुंद पांडेय रहे। अपने संबोधन में उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जीवन-दर्शन, अंत्योदय की सोच और भारतीय संस्कृति पर आधारित राष्ट्र निर्माण के मॉडल को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में भारतीय समाज की समकालीन समस्याओं के समाधान में दीनदयाल जी के विचार पूरी तरह प्रासंगिक और मार्गदर्शक हैं।

संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग के अध्यक्ष प्रो. गिरीश कुमार चौधरी उपस्थित रहे, जबकि अध्यक्षता पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. उपेंद्र प्रसाद सिंह ने की। वक्ताओं ने कहा कि दीनदयाल जी के विचार देश के सर्वांगीण विकास, सामाजिक समरसता और समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के कल्याण के लिए सदैव प्रेरणा देते रहेंगे। इस अवसर पर शिक्षाविदों, शोधार्थियों और बुद्धिजीवियों ने भारतीय ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक चेतना पर अपने विचार साझा किए।
