-लाइव ख़बर नेशन || संतोष श्रीवास्तव
बिना एमओए लागू हुआ वेज रिवीजन, 39 महीने के बकाए और सब-कमेटी पर एनजेसीएस यूनियनों की चुप्पी
बोकारो, 21 अक्टूबर 2026 : स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के वेज रिवीजन 2017 समझौते को पांच साल पूरे हो चुके हैं, लेकिन कर्मियों की समस्याओं और आर्थिक नुकसान का सिलसिला अब भी जारी है। बोकारो अनाधिशासी कर्मचारी संघ (बीएकेएस) ने आरोप लगाया है कि 21-22 अक्टूबर 2021 को हुए समझौते में नियमों की अनदेखी की गई, जिसके चलते प्रत्येक कर्मचारी को लाखों रुपये की आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है। संगठन के अनुसार, तय नियमों के तहत अब तक न तो औपचारिक एमओए (मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट) पर हस्ताक्षर हुए और न ही बकाया राशि का भुगतान किया गया।
बीएकेएस ने इस्पात मंत्रालय, सेल प्रबंधन और एनजेसीएस यूनियनों की कार्यप्रणाली पर कई बिंदुवार सवाल खड़े किए हैं। संघ का कहना है कि एनजेसीएस संविधान में सभी यूनियनों और प्रबंधन के बीच पूर्ण सहमति का प्रावधान है, लेकिन इसके बावजूद बिना पूर्ण सहमति और एमओए के केवल एमओयू के आधार पर इसे लागू कर दिया गया। इसके अलावा, अधिकारियों और कर्मचारियों के एमजीबी व पर्क्स में असमानता रखी गई। अधिकारियों को अप्रैल 2020 से अक्टूबर 2021 तक पर्क्स का एरियर दिया गया, जबकि कर्मचारियों को इससे वंचित रखा गया। 39 माह के बकाया एरियर भुगतान के लिए जिस सब-कमेटी के गठन की बात कही गई थी, वह भी अब तक नहीं बनी।
संघ का यह भी आरोप है कि भिलाई, बोकारो, दुर्गापुर सहित अन्य संयंत्रों से गैर-निर्वाचित प्रतिनिधि बैठकों में भाग ले रहे हैं। यहां तक कि कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी हस्ताक्षर कराए गए। संगठन के महासचिव हरिओम ने कहा कि प्रबंधन, मंत्रालय और कुछ यूनियन प्रतिनिधियों की अनदेखी के चलते सामान्य कर्मचारियों के हितों से समझौता हो रहा है और वे आर्थिक नुकसान झेलने को मजबूर हैं।

