– संतोष श्रीवास्तव की रिपोर्ट
प्रबंधन ने दिया अधिकतर स्थानीय समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन, लंबित मांगों पर सौंपा रोड मैप
बोकारो, 03 सितंबर 2026: बोकारो स्टील प्लांट (बीएसएल) अनाधिशासी कर्मचारी संघ और हॉट स्ट्रिप मिल (एचएसएम) विभाग के दोनों मुख्य महाप्रबंधकों (सीजीएम) के बीच एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पूर्व की विभागीय बैठकों में कर्मचारियों द्वारा उठाए गए प्रमुख मुद्दों को विभागीय प्रबंधन के समक्ष विस्तार से रखा गया। प्रबंधन ने संघ को आश्वस्त करते हुए आगामी कुछ महीनों के भीतर अधिकतर स्थानीय समस्याओं के निराकरण का रोड मैप सौंपा। वहीं विभाग से इतर के मामलों को संबंधित विभागों तथा उच्च प्रबंधन के संज्ञान में लाकर शीघ्र समाधान कराने की बात कही गई।
बैठक के दौरान कर्मचारियों से जुड़े निम्नलिखित 12 प्रमुख लंबित मुद्दों को प्रबंधन के पटल पर प्रमुखता से रखा गया:
- इंसेंटिव रिवार्ड फॉर्मूला में संशोधन: हॉट स्ट्रिप मिल के उत्पादन में निरंतर बढ़ोतरी के बावजूद कर्मचारियों को आज भी 2007 के पुराने फॉर्मूले के आधार पर ही इंसेंटिव रिवार्ड राशि का भुगतान किया जा रहा है, जिसे संशोधित किया जाए।
- क्रेन केबिन की बदहाली: क्रेन केबिन में ऑपरेटरों के बैठने के लिए कुर्सियां नहीं हैं, केबिन के शीशे अपारदर्शी हैं, एसी की सुविधा नहीं है तथा कम प्रकाश होने के कारण हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
- क्रेन अनुरक्षण: क्रेन का नियमित और स्थायी रखरखाव नहीं हो पा रहा है। हॉट क्वायल के ठीक ऊपर क्रेन के अनुरक्षण कार्य में कर्मचारियों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ता है।
- पुलपीट केबिन की स्थिति: पुलपीट केबिन का फर्श पूरी तरह क्षतिग्रस्त है। केबिन के शीशों की नियमित सफाई न होने के कारण बाहर की दृश्यता प्रभावित होती है, जिससे उत्पादन कार्य के दौरान गंभीर परेशानी उत्पन्न होती है।
- फ्लाइंग शीयर ऑटो कट की खराबी: पोस्ट नंबर 10 में फ्लाइंग शीयर का ऑटो कट काम नहीं कर रहा है, जिसके चलते हर बार क्वायल को कर्मचारियों द्वारा मैनुअली काटना पड़ रहा है।
- क्रेन कार्य हेतु रिलीवर की व्यवस्था: क्रेन परिचालन जैसे अत्यधिक चुनौतीपूर्ण और ऊंचाई वाले कार्य के लिए रिलीवर का प्रबंध किया जाए, ताकि ऑपरेटर मानसिक शांति व एकाग्रता के साथ कार्य कर सकें।
- क्वायलर केबिन का रखरखाव: क्वायलर केबिन की नियमित साफ-सफाई नहीं होती। वहां कुर्सियां टूटी हुई हैं, केबिन के शीशे गंदे रहते हैं तथा मॉनिटर की स्क्रीन को व्यवस्थित और दुरुस्त रखने की सख्त जरूरत है।
- कैंटीन संचालन: रात्रि पाली में भी कैंटीन को खुला रखा जाए और इसे सेल (SAIL) कॉर्पोरेट कार्यालय की तर्ज पर संचालित किया जाए।
- रेस्ट रूम व एसी की समस्या: क्वायलर के पास रेस्ट रूम की कोई व्यवस्था नहीं है। साथ ही मिल डाउन (शटडाउन) के समय एसी बंद कर दिया जाता है, जिससे भीषण गर्म वातावरण में कर्मचारियों को काम करने में भारी परेशानी होती है।
- वाटर कूलर की खराबी: मोटर 1 क्षेत्र में लगा वाटर कूलर खराब पड़ा है, जिसे तत्काल ठीक कराया जाए।
- रफिंग एरिया में जलजमाव: रफिंग एरिया में रेल पटरी पर पानी जमा हो जाने के कारण कर्मचारियों को शौचालय तक जाने में भारी असुविधा होती है।
- शौचालय की किल्लत और बदहाली: एचएसएम विभाग में कर्मचारियों की संख्या के अनुपात में शौचालय उपलब्ध नहीं हैं। साथ ही मौजूद शौचालयों की नियमित साफ-सफाई और टूटे दरवाजों की तुरंत मरम्मत कराई जाए।
इस बैठक में यूनियन की ओर से महासचिव हरिओम, कोषाध्यक्ष राहुल कुमार साव, विभागीय प्रतिनिधि शत्रुंजय कुमार सहित विभाग के बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।
बैठक के उपरांत हॉट स्ट्रिप मिल के विभागीय प्रतिनिधि शत्रुंजय सिंह ने कहा कि विभाग के कर्मचारियों की समस्याओं के निराकरण की प्राथमिक जिम्मेदारी विभागीय प्रबंधन की होती है। इसी भावना से एचएसएम विभाग के दोनों सीजीएम को वस्तुस्थिति से अवगत कराया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रबंधन द्वारा मुद्दों के समाधान पर दी गई सहमति को जल्द ही धरातल पर मूर्त रूप दिया जाएगा।
