32 जरूरतमंदों को सब्जी और चाट के ठेले मिले

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– संतोष श्रीवास्तव की रिपोर्ट

अर्पिता महिला मंडल ने स्वरोजगार से जोड़ने की पहल की, किराना सामग्री और खाद्य पैकेट भी बांटे

रांची, 02 सितम्बर। जरूरतमंद एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से अर्पिता महिला मंडल, सीसीएल की ओर से 2 सितंबर को कल्याणकारी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अर्पिता महिला मंडल, सीसीएल रांची की अध्यक्षा प्रीति सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में 32 चयनित जरूरतमंद लाभार्थियों को सब्जी के ठेले और चाट के ठेले प्रदान किए गए।

इस पहल का उद्देश्य लाभार्थियों को अपना छोटा व्यवसाय शुरू करने का अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और सम्मानपूर्वक आजीविका अर्जित कर सकें। ठेला मिलने से लाभार्थियों को स्वरोजगार शुरू करने के लिए आधार उपलब्ध हुआ है।

तत्काल सहायता भी उपलब्ध कराई

स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ ही अर्पिता महिला मंडल की ओर से लाभार्थियों को तत्काल जरूरत की सामग्री भी उपलब्ध कराई गई। इस क्रम में किराना सामग्री से भरे बैग और खाद्य पैकेट वितरित किए गए।

इस अवसर पर अर्पिता महिला मंडल की अध्यक्षा प्रीति सिंह ने कहा कि जरूरतमंद लोगों को केवल तत्काल सहायता उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि उन्हें स्वरोजगार के अवसर देकर आत्मनिर्भर बनाना महिला मंडल के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि छोटे स्तर पर शुरू किया गया व्यवसाय भी किसी परिवार के लिए स्थायी आजीविका और बेहतर भविष्य का आधार बन सकता है।

15 महिला समितियों की रही सहभागिता

कार्यक्रम में सीसीएल मुख्यालय सहित सभी 15 महिला समितियों की सक्रिय सहभागिता रही। महिला समितियों के सहयोग से आयोजित इस पहल में सेवा, सहयोग और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

लाभार्थियों ने अर्पिता महिला मंडल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ठेला और अन्य सहयोग मिलने से उन्हें अपना व्यवसाय शुरू करने तथा परिवार के लिए सम्मानजनक आजीविका अर्जित करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने इसे आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

अर्पिता महिला मंडल की इस पहल से लाभार्थियों में नई उम्मीद और आत्मविश्वास का संचार हुआ। जरूरतमंदों को सहायता के साथ स्वरोजगार से जोड़ने का यह प्रयास समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने की दिशा में सार्थक पहल के रूप में सामने आया।