– रंजीत प्रसाद सिन्हा की रिपोर्ट
पात्र श्रमिकों को ईएसआई के सभी लाभ समय पर उपलब्ध कराने पर जोर
पटना, 11 अगस्त 2026 : श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग, बिहार सरकार के मंत्री अरुण शंकर प्रसाद की अध्यक्षता में मंगलवार को कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं प्रगति को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभाग के अपर मुख्य सचिव के. सेंथिल कुमार, श्रमायुक्त बिहार राजेश भारती सहित ईएसआई योजना से जुड़े अधिकारी एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान ईएसआई अधिकारियों ने श्रमिकों और उनके परिवारों के हित में संचालित विभिन्न योजनाओं, चिकित्सा सुविधाओं तथा नकद हितलाभों की जानकारी मंत्री को दी। अधिकारियों ने बताया कि ईएसआई योजना के तहत बीमारी की स्थिति में वेतन संबंधी हितलाभ, कार्यस्थल पर दुर्घटना की स्थिति में आजीवन पेंशन, बीमित व्यक्ति की मृत्यु होने पर आश्रितों को 90 प्रतिशत तक आजीवन पेंशन तथा 26 सप्ताह तक मातृत्व हितलाभ जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा बीमित व्यक्तियों के बच्चों के लिए मेडिकल कॉलेजों में आरक्षण का भी प्रावधान है।
अधिक से अधिक पात्र श्रमिकों को योजना से जोड़ने पर जोर
समीक्षा के दौरान मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, अधिक से अधिक पात्र श्रमिकों को ईएसआई योजना से जोड़ने, बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा विभिन्न हितलाभों को लाभुकों तक पहुंचाने की स्थिति की जानकारी ली।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ईएसआई योजना के तहत उपलब्ध सुविधाओं और हितलाभों की व्यापक जानकारी श्रमिकों तक पहुंचाई जाए। पात्र श्रमिकों को योजना का लाभ लेने में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
बीमारी की शुरुआती पहचान और निःशुल्क उपचार पर बल
मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य श्रमिकों और उनके परिवारों को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। बीमारी की प्रारंभिक अवस्था में पहचान और कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) के माध्यम से निःशुल्क उपचार की सुविधा का अधिक से अधिक श्रमिकों को लाभ मिलना चाहिए। इससे श्रमिक परिवारों पर अचानक आने वाले भारी चिकित्सा खर्च का आर्थिक बोझ कम किया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि स्वस्थ और सुरक्षित श्रमिक लंबे समय तक बेहतर कार्यक्षमता के साथ काम कर सकते हैं, जिससे उद्योगों की उत्पादकता में भी वृद्धि होती है। स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के प्रति जागरूकता और बेहतर सुविधाओं की उपलब्धता से कार्यस्थल पर दुर्घटनाओं की संभावना को कम करने में भी मदद मिलेगी।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ईएसआई योजना के सभी प्रावधानों का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए और पात्र श्रमिकों तक चिकित्सा एवं सामाजिक सुरक्षा से जुड़े लाभ समयबद्ध तरीके से पहुंचाए जाएं।

