Anjaan Jee : Editor in Chief & Publisher
पटना | 16 जनवरी 2026
बिहार की तकनीकी शिक्षा व्यवस्था को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय (BEU), पटना और सूचना एवं पुस्तकालय नेटवर्क (INFLIBNET) केंद्र, गांधीनगर के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत राज्य के सभी सरकारी अभियंत्रण महाविद्यालयों के विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों को राष्ट्रीय स्तर के डिजिटल शैक्षणिक एवं शोध संसाधनों तक संस्थागत और निःशुल्क पहुंच प्राप्त होगी।
MoU पर बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय की ओर से कुलसचिव प्रदीप कुमार और INFLIBNET की ओर से निदेशक देविका पी. मदल्ली ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के मंत्री सुनील कुमार, विभागीय सचिव प्रतिमा, निदेशक अहमद महमूद, BEU के कुलपति सुरेश कांत वर्मा सहित कई वरीय अधिकारी मौजूद रहे।
यह समझौता राज्य के इंजीनियरिंग कॉलेजों में अध्ययन, शोध और नवाचार को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों को देश के अग्रणी तकनीकी संस्थानों के समान संसाधनों का लाभ मिल सकेगा।
MoU के तहत मिलने वाली प्रमुख डिजिटल सुविधाएं
- शोधगंगा (Shodhganga)
- शोधशुद्धि (Plagiarism Detection System)
- वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन (ONOS)
- IRINS (Indian Research Information Network System)
- SOUL लाइब्रेरी ऑटोमेशन सिस्टम
- IndCat, ShodhChakra, INFED, ILMS, ShodhPrabha, INFYMEET
इन प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से ई-जर्नल, ई-बुक्स, शोध प्रबंध, पेटेंट, सम्मेलन विवरण और अन्य प्रमाणिक डिजिटल शोध सामग्री एक ही मंच पर उपलब्ध होगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि बिहार सरकार तकनीकी शिक्षा को ज्ञान, शोध और नवाचार से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। INFLIBNET जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म छात्रों और शोधार्थियों को उच्च गुणवत्ता वाली शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराते हैं, जिससे सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों के विद्यार्थी भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के अनुरूप खुद को तैयार कर सकेंगे।
विभागीय सचिव प्रतिमा ने कहा कि इस नई व्यवस्था से प्रोजेक्ट, सेमिनार, थीसिस और शोध कार्यों की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा। शोधशुद्धि जैसी सेवाओं से अकादमिक लेखन में अनुशासन और विश्वसनीयता सुनिश्चित की जा सकेगी।
BEU के कुलपति सुरेश कांत वर्मा ने इसे विश्वविद्यालय के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि इस सहयोग से विश्वविद्यालय और इसके अधीन कॉलेज राष्ट्रीय डिजिटल अकादमिक नेटवर्क से मजबूती से जुड़ेंगे। इससे शोध डेटा का बेहतर एकीकरण, संसाधनों का कुशल प्रबंधन और डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रभावी उपयोग संभव हो सकेगा।
समझौते के बाद सभी संबंधित महाविद्यालयों में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति, तकनीकी व्यवस्था और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से इन डिजिटल सेवाओं को नियमित शिक्षण एवं शोध गतिविधियों से जोड़ा जाएगा, जिससे बिहार की तकनीकी शिक्षा को नई गति मिलने की उम्मीद है।
