– संतोष श्रीवास्तव की रिपोर्ट
6.29 लाख अपात्र लाभुकों पर कार्रवाई, 25 अगस्त तक नाम हटाने का निर्देश; समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो अनाज कोटे पर असर
रांची | 23 अगस्त 2026: झारखंड में सरकारी राशन योजना का गलत तरीके से लाभ उठा रहे अपात्र लाभुकों के खिलाफ राज्य सरकार ने कार्रवाई तेज कर दी है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत चलाए जा रहे सत्यापन अभियान में अब तक करीब 1.63 लाख अपात्र राशन कार्ड रद्द किए जा चुके हैं। कुल 6,29,973 अपात्र लाभुकों की पहचान की गई है।
सरकार के सामने 25 अगस्त तक कार्रवाई पूरी करने की समय-सीमा है। अभी करीब 4.66 लाख अपात्र लाभुकों के नाम हटाने की कार्रवाई लंबित है। केंद्र सरकार की एनएफएसए-2 व्यवस्था के तहत डिजिटल सत्यापन और विभिन्न सरकारी डेटाबेस के मिलान के जरिए अपात्र लाभुकों की पहचान की जा रही है।
सरकारी कर्मचारी से लेकर आयकरदाता तक मिले अपात्र
जांच में सामने आया है कि गरीब कल्याण योजना का लाभ लेने वालों में 1,272 सरकारी कर्मचारी और 1,84,810 आयकरदाता भी शामिल पाए गए। इसके अलावा 15,493 बड़े कारोबारी, 13,087 कंपनियों के मालिक और 21,442 चारपहिया वाहन मालिक भी अपात्र लाभुकों की सूची में पाए गए हैं।
जांच के दौरान 1,10,142 डुप्लीकेट राशन कार्ड भी सामने आए हैं। वहीं छह महीने से अधिक समय से राशन नहीं उठाने वाले 1,77,751 लाभुकों को भी अपात्र श्रेणी में चिह्नित किया गया है।
31 अगस्त तक नाम नहीं हटे तो अनाज कोटे पर असर
केंद्र सरकार ने निर्देश दिया है कि 31 अगस्त तक अपात्र लाभुकों के नाम राशन सूची से हटाए जाएं। ऐसा नहीं होने पर अपात्र लाभुकों की संख्या के अनुपात में राज्य का खाद्यान्न कोटा प्रभावित हो सकता है। इसी को देखते हुए खाद्य आपूर्ति विभाग ने सभी जिलों को निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई पूरी करने का निर्देश दिया है।

