– Santosh K Srivastav : Editor in Chief & Publisher
अंक प्रमाणपत्र और सीएलसी जारी करने के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने की कार्रवाई
पटना, 30 जून 2026। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पटना जिले के सम्पतचक स्थित उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, चैनपुर के प्रधानाध्यापक कुणाल प्रियदर्शी को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी को विद्यालय स्थित उनके कार्यालय कक्ष से गिरफ्तार किया गया।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार, इस संबंध में निगरानी थाना कांड संख्या 076/26 दिनांक 30 जून 2026 दर्ज किया गया है। शिकायत गौरीचक थाना क्षेत्र के गवसपुर निवासी अरुण कुमार सिंह ने दर्ज कराई थी।
शिकायत के अनुसार, प्रधानाध्यापक वार्षिक माध्यमिक परीक्षा 2026 में सफल 152 विद्यार्थियों के अंक प्रमाणपत्र एवं स्कूल छोड़ने का प्रमाणपत्र (सीएलसी) जारी करने के लिए प्रति छात्र 400 रुपये की दर से रिश्वत की मांग कर रहे थे।
ब्यूरो ने शिकायत का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद पुलिस उपाधीक्षक विन्ध्याचल प्रसाद के नेतृत्व में विशेष धावादल का गठन किया गया।
धावादल ने योजनाबद्ध कार्रवाई करते हुए प्रधानाध्यापक कुणाल प्रियदर्शी को विद्यालय परिसर स्थित उनके कार्यालय कक्ष में 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बताया कि आरोपी से पूछताछ के बाद उसे विशेष न्यायालय, निगरानी, पटना में प्रस्तुत किया जाएगा। मामले में आगे की जांच जारी है।
ब्यूरो ने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार के मामलों के विरुद्ध कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और रिश्वतखोरी के मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
