Anjaan Jee : Editor in Chief & Publisher
पूर्णिया, बिहार, 23 दिसंबर 2025 : पूर्णिया प्रक्षेत्र में संचालित पेयजल योजनाओं की गुणवत्ता और कार्य निष्पादन को लेकर जवाबदेही तय करते हुए लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के माननीय मंत्री श्री संजय कुमार सिंह ने सख्त रुख अपनाया है। दिनांक 23 दिसंबर 2025 को आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री ने पूर्णिया प्रक्षेत्र अंतर्गत 36 लोक स्वास्थ्य प्रमंडलों में संचालित जलापूर्ति योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की।
इस समीक्षा बैठक में विभागीय सचिव श्री पंकज कुमार पाल, विशेष सचिव श्री संजीव कुमार, अभियंता प्रमुख-सह-विशेष सचिव श्री नित्यानंद प्रसाद सहित संबंधित क्षेत्रीय पदाधिकारी उपस्थित रहे। मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि गुणवत्ता-प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मंत्री ने निर्देश दिया कि सभी गुणवत्ता-प्रभावित क्षेत्रों में आयरन रिमूवल प्लांट का नियमित संचालन सुनिश्चित किया जाए तथा जल शुद्धिकरण व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए फिल्टर मीडिया को निर्धारित समय पर बदला जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि जो संवेदक तय अवधि में मीडिया नहीं बदलेंगे, उनके विरुद्ध विभाग द्वारा कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पेयजल की गुणवत्ता पर जोर देते हुए मंत्री ने कहा कि जल शोधन, निगरानी और आपूर्ति की हर प्रक्रिया निर्धारित मानकों के अनुरूप होनी चाहिए, ताकि आम जनता तक पहुंचने वाला पानी पूरी तरह सुरक्षित और शुद्ध रहे।

बिजली बिल बकाया पर सख्त चेतावनी
विद्युत भुगतान के विषय पर मंत्री ने दो-टूक शब्दों में कहा कि बिजली बिल लंबित रहने के कारण यदि जलापूर्ति बाधित होती है, तो इसे गंभीर प्रशासनिक विफलता माना जाएगा। समीक्षा में यह पाया गया कि पूर्णिया, मधेपुरा, सहरसा, धमदाहा और अररिया में विद्युत विपत्रों का भुगतान 40 प्रतिशत से भी कम है। इस पर मंत्री ने कड़ी आपत्ति जताते हुए संबंधित अधिकारियों को चेतावनी दी।
उन्होंने निर्देश दिया कि जो संवेदक विद्युत भुगतान नहीं करेंगे, उन्हें भविष्य की विभागीय निविदाओं में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही, यदि संवेदकों से भुगतान सुनिश्चित नहीं कराने के कारण डिले पेमेंट सरचार्ज (DPS) लगता है, तो यह अतिरिक्त राशि संबंधित सहायक या कार्यपालक अभियंता के वेतन से वसूल की जाएगी।
शिकायत निवारण में प्रगति
बैठक में बताया गया कि पूर्णिया प्रक्षेत्र में केंद्रीय शिकायत निवारण कक्ष (CGRC) पर प्राप्त 4,331 शिकायतों में से 4,033 मामलों का समाधान किया जा चुका है। मंत्री ने इस प्रगति को संतोषजनक बताते हुए कहा कि शिकायतों का समयबद्ध और वास्तविक निस्तारण विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
अभियंताओं के प्रदर्शन पर कार्रवाई के संकेत
कार्य निष्पादन की समीक्षा के दौरान विभागीय रैंकिंग के आधार पर कुछ अभियंताओं का प्रदर्शन असंतोषजनक पाया गया। विशेष रूप से कटिहार में एक कार्यपालक अभियंता और अररिया में एक सहायक अभियंता के कार्यों पर नाराजगी जताते हुए उन्हें चेतावनी दी गई। मंत्री ने निर्देश दिया कि ऐसे अभियंताओं की नियमित निगरानी मुख्य अभियंता स्तर से की जाए और सुधार नहीं होने पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जल मीनार और लीकेज की स्थिति
समीक्षा में बताया गया कि पूर्णिया प्रक्षेत्र की सभी जल मीनारें वर्तमान में कार्यरत हैं। मंत्री ने जल मीनारों की नियमित सफाई और रखरखाव को अनिवार्य बताते हुए इसे सतत प्रक्रिया के रूप में अपनाने का निर्देश दिया। लीकेज की समीक्षा में यह जानकारी दी गई कि कुल 21,175 योजनाओं में से केवल 60 योजनाओं में लीकेज की समस्या है, जिसे प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र दूर करने को कहा गया।
बैठक के दौरान मंत्री ने विभाग द्वारा पूर्व में जारी निरीक्षण संबंधी आदेशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही अभियंता प्रमुख-सह-विशेष सचिव को साप्ताहिक औचक निरीक्षण करने का भी आदेश दिया गया।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व माननीय मंत्री द्वारा पटना और मुजफ्फरपुर प्रक्षेत्र की समीक्षा की जा चुकी है, जबकि आगामी दिनों में भागलपुर प्रक्षेत्र की समीक्षा प्रस्तावित है।
