बिहार में 45 हजार शिक्षक बहाली का ऐलान

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Anjaan Jee : Editor in Chief & Publisher

अररिया | 11 मार्च 2026

बिहार में शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने राज्य में 45 हजार नए शिक्षकों की भर्ती का ऐलान किया है। यह घोषणा समृद्धि यात्रा के दौरान अररिया जिले के दौरे पर की गई, जहां मुख्यमंत्री ने कहा कि नई बहाली से सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर होगी और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार सुधार के लिए काम कर रही है और आने वाले समय में भी कई नई पहलें लागू की जाएंगी।

बिहार में बढ़ी शिक्षकों की संख्या

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी थी, लेकिन सरकार ने बड़े पैमाने पर भर्ती प्रक्रिया चलाकर स्थिति में सुधार किया।

मुख्य तथ्य:

  • पहले बड़े स्तर पर नियोजित शिक्षकों की नियुक्ति की गई।
  • बाद में Bihar Public Service Commission के माध्यम से भी शिक्षक भर्ती शुरू की गई।
  • वर्तमान में बिहार में सरकारी शिक्षकों की संख्या 5 लाख 24 हजार से अधिक हो चुकी है।
  • अब 45 हजार नए शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

सरकार का मानना है कि इस नई भर्ती से ग्रामीण और शहरी स्कूलों में पढ़ाई की स्थिति और बेहतर होगी।

बालिका शिक्षा को बढ़ावा

मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने कहा कि राज्य सरकार ने 2006 से ही बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं लागू कीं

सरकार की प्रमुख पहलें:

  • छात्राओं को साइकिल योजना के तहत साइकिल उपलब्ध कराना।
  • छात्राओं की स्कूल तक पहुंच आसान बनाना।
  • शिक्षा के प्रति सामाजिक जागरूकता बढ़ाना।

इन योजनाओं का असर यह हुआ कि सरकारी स्कूलों में छात्राओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

पुराने शासनकाल पर टिप्पणी

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने वर्ष 2005 से पहले की स्थिति का जिक्र करते हुए विपक्षी दलों के शासनकाल पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि उस समय राज्य में कानून व्यवस्था कमजोर थी और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति भी खराब थी।

मुख्यमंत्री के अनुसार:

  • स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क जैसी सेवाओं में पर्याप्त विकास नहीं हुआ था।
  • लोगों को शाम के बाद घर से बाहर निकलने में डर लगता था।

सड़कों के विकास से बदला सफर

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों में राज्य में सड़कों और पुल-पुलियों का बड़े पैमाने पर निर्माण कराया गया है। इससे लोगों की आवाजाही पहले की तुलना में काफी आसान हो गई है।

मुख्य बदलाव:

  • कई जिलों से पटना पहुंचने में पहले 6 घंटे या उससे अधिक समय लगता था।
  • अब सबसे दूर जिलों से भी राजधानी करीब 5 घंटे में पहुंचना संभव हो गया है।

महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर

राज्य सरकार ने महिलाओं के विकास और सशक्तिकरण के लिए भी कई योजनाएं लागू की हैं।

प्रमुख योजनाएं:

  • सात निश्चय योजना (2015)
  • सात निश्चय-2 (2020)
  • वर्तमान में सात निश्चय-3 के तहत नई परियोजनाएं चल रही हैं।

सरकार का दावा है कि इन योजनाओं से महिलाओं को शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में बेहतर अवसर मिल रहे हैं।

नई शिक्षक बहाली की घोषणा को बिहार की शिक्षा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे स्कूलों में शिक्षक-छात्र अनुपात बेहतर होने और शिक्षण गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

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