Santosh K Srivastava : Editor in Chief & Publisher
राष्ट्रीय अध्यक्ष ईशान सिन्हा की मध्यस्थता से दोनों पक्षों में हुआ समझौता, न्यायालय में मुकदमा वापस लेने पर मिली राहत
भागलपुर, 30 जून 2026। शरण्य राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने एक बार फिर सामाजिक सौहार्द एवं आपसी विवादों के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए दो पक्षों के बीच चल रहे न्यायालयीन विवाद का सौहार्दपूर्ण निपटारा कराया। आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष ईशान सिन्हा की पहल पर दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ, जिसके बाद न्यायालय में लंबित मामले का भी निष्पादन हो गया। इस समझौते के बाद दोनों परिवारों में खुशी का माहौल है।
आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष ईशान सिन्हा ने बताया कि भागलपुर के बबरगंज थाना में चांदनी देवी एवं अनीता देवी के बीच दर्ज एक मामले की सुनवाई न्यायालय में चल रही थी। इसी दौरान शरण्य राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने दोनों पक्षों से संवाद स्थापित कर आपसी मतभेद समाप्त करने का प्रयास किया। आयोग की मध्यस्थता के बाद दोनों परिवार समझौते के लिए सहमत हो गए।
उन्होंने बताया कि मंगलवार को दोनों पक्ष न्यायालय में उपस्थित हुए और न्यायाधीश के समक्ष आपसी सहमति से विवाद समाप्त करने तथा मुकदमा वापस लेने की इच्छा व्यक्त की। दोनों पक्षों की सहमति और प्रस्तुत तथ्यों पर विचार करने के बाद न्यायालय ने मामले का निष्पादन करते हुए दोनों पक्षों को राहत प्रदान की।
ईशान सिन्हा ने कहा कि किसी भी पारिवारिक या सामाजिक विवाद का सबसे अच्छा समाधान आपसी संवाद और सहमति से निकलता है। उन्होंने कहा कि न्यायालय का समय बचाने के साथ-साथ सामाजिक रिश्तों को भी मजबूत बनाने के लिए ऐसे प्रयास आवश्यक हैं।
उन्होंने कहा कि शरण्य राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का उद्देश्य केवल मानवाधिकारों की रक्षा करना ही नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारे और सौहार्दपूर्ण वातावरण को बढ़ावा देना भी है। भविष्य में भी आयोग इसी प्रकार समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संवाद स्थापित कर विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए कार्य करता रहेगा।
स्थानीय लोगों ने भी आयोग की इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज में सकारात्मक संदेश देने वाला कदम बताया। उनका कहना है कि आपसी संवाद और समझौते के माध्यम से विवादों का समाधान होने से न केवल परिवारों में शांति स्थापित होती है, बल्कि न्यायालयों पर भी अनावश्यक मुकदमों का बोझ कम होता है।
