– रंजीत प्रसाद सिन्हा : संवाददाता
एमबीए के प्रथम बैच का इंडक्शन मीट आयोजित, आधुनिक प्रबंधन शिक्षा और नेतृत्व विकास पर दिया गया जोर
पटना, 14 जुलाई। आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय, पटना ने अपनी शैक्षणिक यात्रा में एक नया अध्याय जोड़ते हुए नवस्थापित प्रबंधन अध्ययन केंद्र (Centre for Management Studies) का उद्घाटन किया। इसी अवसर पर विश्वविद्यालय के एमबीए सत्र 2026-28 के प्रथम बैच के विद्यार्थियों के लिए इंडक्शन मीट का भी आयोजन किया गया, जिसमें गुणवत्तापूर्ण प्रबंधन शिक्षा, नवाचार और नेतृत्व विकास पर विशेष बल दिया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) शरद कुमार यादव ने प्रबंधन अध्ययन केंद्र के नवनिर्मित कक्षाओं एवं पुस्तकालय का लोकार्पण कर किया। इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. निरंजन प्रसाद यादव, विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक, अधिकारी तथा नवप्रवेशित एमबीए छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुई। उद्घाटन संबोधन में कुलपति प्रो. (डॉ.) शरद कुमार यादव ने प्रथम एमबीए बैच के विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय का एमबीए कार्यक्रम केवल प्रबंधन शिक्षा प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य ऐसे दक्ष, नैतिक, सामाजिक रूप से उत्तरदायी और वैश्विक दृष्टिकोण वाले प्रबंधकों का निर्माण करना है, जो उद्योग जगत की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप नेतृत्व प्रदान कर सकें।
उन्होंने विद्यार्थियों से नवाचार, अनुसंधान, उद्यमिता, व्यावसायिक नैतिकता और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पित रहते हुए निरंतर सीखने की भावना विकसित करने का आह्वान किया।
प्रबंधन अध्ययन केंद्र के प्रभारी डॉ. रूपेश कुमार ने स्वागत भाषण में विश्वविद्यालय की दूरदर्शी सोच का उल्लेख करते हुए कहा कि यह केंद्र भविष्य के उद्योगोन्मुख और सक्षम प्रबंधन पेशेवर तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इंडक्शन कार्यक्रम के दौरान आयोजित विशेष संवाद सत्र में विद्यार्थियों को कुलपति एवं प्राध्यापकों के साथ सीधे संवाद का अवसर मिला। छात्रों ने अपनी अपेक्षाएं और भविष्य की योजनाएं साझा कीं, जबकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन्हें अनुसंधान, नवाचार, नेतृत्व विकास, इंटर्नशिप तथा सामाजिक सहभागिता से जुड़ी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। विश्वविद्यालय प्रशासन ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रबंधन अध्ययन केंद्र आने वाले समय में बिहार में प्रबंधन शिक्षा, अनुसंधान और उद्योग-अकादमिक सहयोग का एक उत्कृष्ट केंद्र बनकर उभरेगा।

