जरीडीह कृषक पाठशाला बनेगी मॉडल केंद्र

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Santosh K Srivastav : Editor in Chief & Publisher

उपायुक्त अजय नाथ झा ने किया निरीक्षण, केवीके के सहयोग से आधुनिक कृषि प्रशिक्षण केंद्र विकसित करने के दिए निर्देश

बोकारो, 20 जुलाई। जिले के किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़कर आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में बोकारो जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। सोमवार को उपायुक्त अजय नाथ झा ने संयुक्त बिरसा ग्राम विकास योजना के तहत जरीडीह कृषक पाठशाला का निरीक्षण कर परियोजना की प्रगति, निर्माण कार्यों और उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पाठशाला को किसानों के लिए अत्याधुनिक प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन केंद्र (मॉडल सेंटर) के रूप में विकसित किया जाए।

उपायुक्त ने कहा कि जरीडीह कृषक पाठशाला आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों के प्रसार का प्रमुख केंद्र बनेगी। यहां किसानों को कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन और मृदा संरक्षण से संबंधित व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे उनकी उत्पादकता और आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।

उन्होंने बताया कि पाठशाला को केवल प्रशिक्षण केंद्र तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे किसानों के लिए एक सक्रिय ‘किसान चौपाल’ के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां नियमित रूप से कृषि विशेषज्ञों के व्याख्यान, किसानों के साथ संवाद तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।

कृषि विज्ञान केंद्र से जुड़ेगी पाठशाला

उपायुक्त ने कृषक पाठशाला को कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) से जोड़ने का निर्देश दिया, ताकि तकनीकी सहयोग के माध्यम से फसल प्रदर्शन, कृषि नवाचार और विशेषज्ञों की नियमित सहभागिता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने जलभराव वाले क्षेत्रों के लिए उपयुक्त वैकल्पिक फसलों एवं उन्नत किस्मों की पहचान कर किसानों को उनके उत्पादन के लिए प्रेरित करने पर भी बल दिया।

एफपीओ के माध्यम से किसानों को मिलेगा प्रशिक्षण

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) से जुड़े किसानों के लिए मिश्रित खेती, प्राकृतिक संसाधन संरक्षण, जोखिम प्रबंधन और सामूहिक खेती पर नियमित प्रशिक्षण आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन, मृदा संरक्षण और सहकारिता विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा परियोजना की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।

पाठशाला का संचालन कर रही संस्था इंटीग्रेटिव डेवलपमेंट थ्रू इफेक्टिव अप्रोच (आईडिया) को परिसर की फेंसिंग का कार्य अगस्त माह तक पूरा करने का निर्देश भी दिया गया।

पानी पंचायत गठन और वार्षिक कार्ययोजना तैयार होगी

उपायुक्त ने पाठशाला परिसर में पानी पंचायत का गठन, पाथवे निर्माण, बैरिकेडिंग तथा वार्षिक प्रशिक्षण कैलेंडर तैयार करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परिसर में संचालित बॉयलर मुर्गी पालन, बत्तख पालन, मत्स्य पालन एवं अन्य कृषि आधारित गतिविधियों का भी अवलोकन कर उनके बेहतर संचालन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार, प्रशिक्षु आईएएस अरविंद राधाकृष्णन, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, जिला भूमि संरक्षण पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।