ऐतिहासिक कुंडोरी दुर्गा मंदिर का होगा कायाकल्प

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Santosh K Srivastav : Editor in Chief & Publisher

अंग्रेजों के समय में बने मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य तेज, ग्रामीणों के सहयोग से मिल रहा भव्य स्वरूप

बोकारो, 20 जुलाई। तुपकाडीह के उत्तर विस्थापित क्षेत्र स्थित कुंडोरी गांव के ऐतिहासिक दुर्गा मंदिर और हनुमान मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य तेज गति से चल रहा है। ग्रामीणों के सहयोग से आस्था के इस प्रमुख केंद्र को नया और भव्य स्वरूप दिया जा रहा है। मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण के लिए आधुनिक निर्माण सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, जिससे आगामी दुर्गा पूजा तक मंदिर का आकर्षक स्वरूप सामने आएगा।

ग्रामीणों ने बताया कि मंदिर के जीर्णोद्धार कार्य में मार्बल, टाइल्स, पुट्टी, सीमेंट और अन्य आधुनिक सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। मंदिर के भीतर और बाहरी दीवारों के साथ-साथ बाउंड्री वॉल पर आकर्षक टाइल्स लगाई जा रही हैं। इसके अलावा मुख्य प्रवेश द्वार पर स्टील का नया मेनगेट लगाया जाएगा तथा मंदिर की छत पर स्थापित देवी-देवताओं की प्रतिमाओं का रंग-रोगन भी कराया जा रहा है।

स्थानीय ग्रामीण राजू रंजन, हरिप्रसाद पुरी, महेंद्र महतो, सोमर महतो, जानकी महतो, कंचन मंडल, संजय और प्रवीण कुमार ने बताया कि मंदिर के रखरखाव और सौंदर्यीकरण का कार्य प्रत्येक वर्ष किया जाता है। इस बार विशेष योजना के तहत व्यापक स्तर पर जीर्णोद्धार किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर धार्मिक वातावरण मिल सके।

ग्रामीणों का विश्वास है कि आगामी दुर्गा पूजा के दौरान मंदिर का नया स्वरूप श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनेगा और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचेंगे।

कुंडोरी दुर्गा मंदिर का इतिहास भी क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार इस मंदिर का निर्माण ब्रिटिश शासनकाल में स्थानीय बुजुर्गों के प्रयास से कराया गया था। तब से यह मंदिर क्षेत्र की धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। वर्तमान में ग्रामीण सामूहिक सहभागिता से इस ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित और विकसित करने में जुटे हैं।