26 वर्षों से प्रोन्नति नहीं मिलना चतुर्थवर्गीय कर्मियों के साथ अन्याय : सपन कुमार कर्मकार

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– Santosh K Srivastav : Editor in Chief & Publisher

30 जुलाई को मुख्यमंत्री आवास के समक्ष प्रदर्शन का ऐलान, बोकारो में जिला स्तरीय बैठक में बनी आंदोलन की रणनीति

बोकारो, 26 जुलाई : झारखंड राज्य चतुर्थवर्गीय सरकारी कर्मचारी संघ की जिला स्तरीय बैठक मंगलवार को स्थानीय सिटी पार्क में जिलाध्यक्ष पशुपति नायक की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों की लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा करते हुए आगामी आंदोलन की रणनीति तय की गई।

बैठक को संबोधित करते हुए संघ के प्रदेश महामंत्री सपन कुमार कर्मकार ने कहा कि झारखंड राज्य गठन के 26 वर्ष बीत जाने के बावजूद चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ नहीं मिलना उनके साथ घोर अन्याय है। उन्होंने कहा कि यह राज्य सरकार का सबसे कनिष्ठ संवर्ग है, जहां कर्मचारी जिस पद पर नियुक्त होते हैं, उसी पद से सेवानिवृत्त होने को विवश हैं।

उन्होंने कहा कि अविभाजित बिहार के समय तृतीय वर्ग के रिक्त पदों पर चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों की पदोन्नति का निर्धारित प्रावधान था, लेकिन झारखंड बनने के बाद आज तक किसी भी कर्मचारी को इस व्यवस्था का लाभ नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि छठे वेतन आयोग की अनुशंसाओं के अनुरूप केंद्र सरकार की सेवा शर्तों को लागू करने का निर्णय होने के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही के कारण कर्मचारियों को उनके वैधानिक सेवा लाभ नहीं मिल सके।

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि संघ अपनी दो सूत्री मांगों को लेकर 30 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री आवास के समक्ष विशाल प्रदर्शन करेगा। पहली मांग के तहत चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों की पदोन्नति में सीमित प्रतियोगिता परीक्षा की अनिवार्यता समाप्त कर वरिष्ठता एवं योग्यता के आधार पर तृतीय वर्ग के पदों पर एकमुश्त पदोन्नति देने की मांग की गई। दूसरी मांग में आदेशपाल, पियून, चपरासी एवं अनुसेवक जैसे पदनामों के स्थान पर सम्मानजनक ‘कार्यालय सहायक’ नाम लागू करने की मांग उठाई गई।

संघ के पदाधिकारियों ने प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाने तथा अधिक से अधिक कर्मचारियों की भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

बैठक में जिलाध्यक्ष पशुपति नायक, जिला मंत्री प्रेमशंकर राम, हरिलाल मोहली, खगेंद्र महतो, चालक संघ के जिला सचिव बेला पद बाउरी, अनिल कुमार महतो, काजल मंडल, साहेब राम महतो, अर्जुन कुमार दास सहित कई पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों ने अपने विचार व्यक्त किए और आंदोलन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया।