– एस०एन०चतुर्वेदी की रिपोर्ट
रामनगर दियारा समेत कई पंचायतें जलमग्न, स्टेट हाईवे-106 पर बह रहा बाढ़ का पानी; सामुदायिक रसोई, राहत शिविर और मेडिकल कैंप शुरू
अथमलगोला, 10 सितंबर 2026: गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर से अथमलगोला प्रखंड के विभिन्न पंचायतों में मची तबाही के बीच बाढ़ पीड़ितों के बचाव और राहत सामग्री पहुंचाने में बीडीओ, सीओ तथा पंचायत प्रतिनिधि तत्परता से जुटे हुए हैं। गंगा के बढ़ते जलस्तर ने अथमलगोला प्रखंड में विकराल रूप ले लिया है। इसके कारण रामनगर दियारा पंचायत के गांव पिछले करीब पंद्रह दिनों से पूरी तरह जलमग्न हैं और उनका संपर्क आसपास के क्षेत्रों से पूरी तरह कट गया है।
रामनगर करारी कछार पंचायत की स्थिति भी लगभग ऐसी ही बनी हुई है। इसके अलावा सबनीमा, उस्मानपुर, कल्याणपुर सहित अन्य पंचायतें भी बाढ़ से प्रभावित हैं। गंगा का जलस्तर इतना बढ़ गया कि बाढ़ का पानी स्टेट हाईवे-106 के ऊपर से बहने लगा। इससे आसपास के गांवों और टाल क्षेत्र पर भारी संकट मंडराने लगा है। बाढ़ के कारण बेघर हुए ग्रामीण अपने परिवारों और मवेशियों के साथ पुल पर अस्थायी आश्रय बनाकर रहने को मजबूर हैं।

सामुदायिक रसोई और राहत शिविर की व्यवस्था
शुरुआत में राहत के नाम पर केवल सूखा चावल मिलने से पीड़ितों में कुछ नाराजगी थी। इसके बाद बीडीओ राजेश कुमार एवं सीओ अशोक कुमार ने पूरे अथमलगोला प्रखंड के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया। अधिकारियों ने बाढ़ पीड़ितों के लिए तत्काल निःशुल्क सामुदायिक रसोई केंद्र एवं राहत शिविर की व्यवस्था कराई। साथ ही संबंधित सरकारी कर्मियों को प्रभावित लोगों के लिए तत्काल पूरा भोजन और पशु चारा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
गणिनाथ बाबा का मेला भी बाढ़ की चपेट में
उधर, बुढ़रा गांव में लगा गणिनाथ बाबा का मेला भी बाढ़ के पानी में डूब गया है। इससे मेले में दुकान लगाने वाले दुकानदारों की पूंजी फंस गई है। इसी बीच बाढ़ के तेज बहाव के दौरान रील बना रही एक युवती को प्रशासन ने फटकार लगाते हुए वहां से बाहर निकाला।
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग ने बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए मेडिकल कैंप शुरू कर दिया है। हालांकि, ग्रामीणों की निगाहें अब केवल गंगा के जलस्तर में कमी आने के इंतजार पर टिकी हुई हैं।
पंचायत प्रतिनिधि भी राहत कार्य में सक्रिय
बाढ़ पीड़ितों के बचाव एवं राहत कार्य में अथमलगोला प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि राजकिशोर सिंह अपने पूरे दल-बल के साथ सक्रिय हैं। वहीं, मुखिया अरबिंद कुमार अपने कल्याणपुर पंचायत के पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद पहुंचाने में जुटे हैं।
मुखिया जयप्रकाश राय अपने रामनगर करारी कछार पंचायत में बाढ़ पीड़ितों के बचाव एवं राहत कार्य में लगातार लगे हुए हैं। वहीं, मुखिया धर्मेश भारद्वाज अपने सबनीमा पंचायत में बाढ़ पीड़ितों के लिए सामुदायिक रसोई केंद्र के संचालन में जुटे हैं। उस्मानपुर पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि विनोद यादव भी बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए सक्रिय हैं और प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने के प्रयास में लगे हुए हैं।

फसल और जान-माल का भारी नुकसान
गंगा नदी में आई बाढ़ के कारण अथमलगोला प्रखंड के ग्रामीणों को जान-माल के साथ-साथ फसलों की भी भारी क्षति हुई है। ग्रामीणों और किसानों की स्थिति काफी दयनीय बनी हुई है। लगातार जलजमाव और संपर्क मार्गों के बाधित होने से प्रभावित लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
दर्जनों ग्रामीणों ने राज्य सरकार से अथमलगोला प्रखंड को आपदा क्षेत्र घोषित किए जाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ से प्रभावित परिवारों को तत्काल और व्यापक स्तर पर राहत एवं सहायता उपलब्ध कराने की आवश्यकता है।
