– एस०एन०चतुर्वेदी की रिपोर्ट
SDG लक्ष्यों को जिला, प्रखंड और ग्राम पंचायत स्तर तक ले जाने पर जोर, डेटा आधारित योजना और तकनीकी नवाचार को बताया विकास की कुंजी
पटना, 21 अगस्त 2026। बिहार SDG कॉन्क्लेव-2026 के समापन सत्र में उप मुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने बिहार की विकास यात्रा को सतत विकास लक्ष्यों (SDG) से जोड़ते हुए संसाधनों के प्रभावी उपयोग और बदलती तकनीक व आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यप्रणाली अपनाने पर जोर दिया। कॉन्क्लेव का केंद्रीय विषय “SDG-2030 से विकसित बिहार @2047 की ओर—जमीनी कार्रवाई के साथ” रहा।
समापन सत्र को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के विकास के लिए उपलब्ध संसाधनों का बेहतर और प्रभावी उपयोग आवश्यक है। विकास योजनाओं को बदलती परिस्थितियों, तकनीक और जन आवश्यकताओं के अनुरूप आगे बढ़ाने की जरूरत है, ताकि सतत विकास के लक्ष्यों को जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू किया जा सके।
योजना एवं विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. एन. विजयालक्ष्मी ने सतत विकास लक्ष्यों को District Planning Framework तथा विभिन्न योजनाओं के Implementation Framework से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि SDG के प्रत्येक इंडिकेटर पर निरंतर निगरानी और कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
नीति आयोग के सदस्य डॉ. के.वी. राजू ने SDG अनुश्रवण की प्रक्रिया को जिला, प्रखंड और ग्राम पंचायत स्तर तक ले जाने पर जोर दिया। उन्होंने विकास योजनाओं के लिए डेटा आधारित प्लानिंग को महत्वपूर्ण बताते हुए Heatmap और Skill Index जैसे नवाचार आधारित उपकरणों के उपयोग की आवश्यकता बताई।
समापन सत्र में वित्त विभाग की सचिव रचना पाटिल, UNICEF की Chief, Social Policy क्रिस्टिना पोपिवानोवा, पटना के जिलाधिकारी कुंदन कुमार तथा मधुबनी के जिलाधिकारी आनंद शर्मा सहित वरिष्ठ अधिकारी, विशेषज्ञ एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
कॉन्क्लेव के माध्यम से बिहार की विकास प्राथमिकताओं को SDG-2030 और विकसित बिहार @2047 के लक्ष्यों के साथ जोड़ते हुए जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन के लिए साझा संकल्प पर जोर दिया गया। सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए बेहतर योजना, निरंतर अनुश्रवण, गुणवत्तापूर्ण डेटा और तकनीकी नवाचार को विकास प्रक्रिया का महत्वपूर्ण आधार बताया गया।

