– संतोष श्रीवास्तव की रिपोर्ट
नशामुक्त समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका अहम : मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो
पटना, 21 अगस्त 2026। मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो, बिहार पुलिस की ओर से शुक्रवार को चाणक्य नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (CNLU), पटना में नशा एवं मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं कानूनी दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना तथा नशामुक्त समाज के निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना रहा।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) फैजान मुस्तफा, डीआईजी अनिल कुमार, रजिस्ट्रार प्रो. डॉ. एस. पी. सिंह, एसपी राजेश कुमार एवं एएसपी इमरान परवेज सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

नशे के दुष्परिणामों की दी जानकारी
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले विभिन्न दुष्प्रभावों की जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि नशे का असर केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे परिवार, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक संबंध और कानून-व्यवस्था भी प्रभावित होती है।
विद्यार्थियों को मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से जुड़े कानूनी प्रावधानों की भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने युवाओं से अपील की कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने आसपास के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें।
युवाओं से नशामुक्त समाज के निर्माण का आह्वान
कार्यक्रम में अधिकारियों ने कहा कि युवा शक्ति किसी भी समाज और राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत है। यदि युवा नशे से दूर रहकर शिक्षा, खेल, नवाचार और रचनात्मक गतिविधियों की ओर आगे बढ़ें तो समाज को नई दिशा मिल सकती है।
उन्होंने छात्र-छात्राओं से नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने तथा नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।
विद्यार्थियों ने ली नशामुक्ति की शपथ
कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को नशे से दूर रहने तथा समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने की शपथ दिलाई गई। विद्यार्थियों ने नशीले पदार्थों के सेवन से बचने और अपने परिवार एवं समाज को भी नशामुक्त बनाने की दिशा में योगदान देने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का संदेश स्पष्ट रहा—“नशा मुक्त युवा, सशक्त बिहार।”

