सावन को लेकर उमानाथ मंदिर-घाट की सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण

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– एस०एन०चतुर्वेदी की रिपोर्ट

एसडीओ और एसडीपीओ ने तैयारियों का लिया जायजा, बैरिकेडिंग, वाटरप्रूफ पंडाल, एसडीआरएफ और गोताखोरों की रहेगी तैनाती

बाढ़, 29 जुलाई। चातुर्मास के पावन सावन माह में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने प्रसिद्ध उमानाथ मंदिर-घाट सहित विभिन्न गंगा घाटों पर सुरक्षा और सुविधाओं की व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी क्रम में अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) गरिमा लोहिया एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ-1) रामकृष्ण ने अन्य अधिकारियों के साथ उमानाथ मंदिर-घाट का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया तथा संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान अंचलाधिकारी रानी कुमारी, नगर परिषद की कार्यपालक पदाधिकारी कुमारी हिमानी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने उमानाथ मंदिर परिसर, गंगा घाट तथा श्रद्धालुओं की आवाजाही वाले मार्गों का निरीक्षण कर सुरक्षा, स्वच्छता और यातायात व्यवस्था की समीक्षा की।

प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि 30 जुलाई से प्रारंभ हो रहे सावन माह के दौरान उमानाथ मंदिर-घाट के अलावा अलखनाथ मंदिर-घाट, गौरीशंकर मंदिर-घाट और बनारसी घाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उत्तरवाहिनी गंगा में स्नान कर भगवान शिव का जलाभिषेक एवं पूजा-अर्चना करेंगे। प्रत्येक वर्ष की तरह इस बार भी पटना ही नहीं, बल्कि बिहार के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।

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एसडीओ गरिमा लोहिया ने बताया कि गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण घाटों पर सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग कराई जा रही है, जबकि ठहरने के लिए वाटरप्रूफ पंडाल, चेंजिंग रूम और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था की जा रही है। मंदिर परिसर एवं घाटों की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने तथा अतिक्रमण हटाने के लिए नगर परिषद को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि सावन मेले के दौरान गंगा नदी में नाव परिचालन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। सुरक्षा व्यवस्था के लिए मजिस्ट्रेट एवं पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ की टीम तथा प्रशिक्षित गोताखोर भी घाटों पर तैनात रहेंगे।

निरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक भी उमानाथ मंदिर-घाट परिसर में उपस्थित रहे। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा प्रशासन का सहयोग करते हुए सुरक्षित एवं व्यवस्थित तरीके से पूजा-अर्चना करें।